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जनरेटिव एआई के डर से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, 7 प्रतिशत तक लुढ़के स्टॉक्स

मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को आईटी सेक्टर के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली, क्योंकि निवेशकों में यह चिंता बढ़ रही है कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पारंपरिक कमाई के तरीकों को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते आईटी सेक्टर घरेलू बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर बनकर उभरा।
जनरेटिव एआई के डर से आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट, 7 प्रतिशत तक लुढ़के स्टॉक्स

मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को आईटी सेक्टर के शेयरों में जोरदार गिरावट देखने को मिली, क्योंकि निवेशकों में यह चिंता बढ़ रही है कि जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पारंपरिक कमाई के तरीकों को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते आईटी सेक्टर घरेलू बाजार में सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर बनकर उभरा।

निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2.59 प्रतिशत तक की गिरावट आई और यह 28,288 के स्तर तक पहुंच गया, जो दिन का निचला स्तर था। इस दौरान इंडेक्स के सभी शेयरों में लगभग 7 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

वहीं, निफ्टी में पूरे दिन उतार-चढ़ाव बना रहा, जबकि पीएसयू बैंक और एफएमसीजी सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली, जहां करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट आई।

खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 2.11 बजे) निफ्टी आईटी के सभी शेयर नुकसान में कारोबार कर रहे थे, और कई बड़े आईटी शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली।

परसिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर करीब 3 प्रतिशत गिरकर 4,496.70 रुपए पर आ गया, जबकि विप्रो 3.5 प्रतिशत गिरकर 188.25 रुपए पर पहुंच गया।

कोफोर्ज सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा, जिसमें 6.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 1,008.10 रुपए पर आ गया।

अन्य बड़े आईटी शेयरों में भी गिरावट देखी गई। ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज सॉफ्टवेयर (ओएफएसएस) 2.79 प्रतिशत गिरकर 6,234.50 रुपए, इंफोसिस 2.77 प्रतिशत गिरकर 1,215.10 रुपए और टीसीएस 2 प्रतिशत गिरकर 2,360 रुपए पर पहुंच गया।

इसके अलावा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज 2.32 प्रतिशत गिरकर 1,297.70 रुपए, एलटीआई माइंडट्री 2.35 प्रतिशत गिरकर 4,108.10 रुपए और एमफैसिस 2.43 प्रतिशत गिरकर 2,030.50 रुपए पर आ गए। वहीं टेक महिंद्रा में भी 1.59 प्रतिशत की गिरावट आई, हालांकि यह अन्य शेयरों के मुकाबले थोड़ा मजबूत रहा।

विशेषज्ञों के अनुसार, जनरेटिव एआई के बढ़ते प्रभाव के कारण निवेशक आईटी सेक्टर में मुनाफावसूली कर रहे हैं। उन्हें चिंता है कि यह तकनीक एप्लिकेशन डेवलपमेंट, टेस्टिंग और मेंटेनेंस जैसी पारंपरिक सर्विस बिजनेस को प्रभावित कर सकती है, जो आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा हैं।

इसके अलावा, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने हाल ही में कहा कि 'फिजिकल एआई का दौर शुरू हो चुका है' और आने वाले समय में हर इंडस्ट्रियल कंपनी रोबोटिक्स कंपनी बन सकती है, जिससे टेक्नोलॉजी के रुझानों में बड़ा बदलाव दिख रहा है।

उनके बयान की एक अहम बात यह भी थी कि एनवीडिया के नए एआई प्लेटफॉर्म - ब्लैकवेल और वेरा रुबिन सिस्टम - की मांग 2027 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के रेवेन्यू में बदल सकती है, जो इस सेक्टर में तेजी से बदलाव का संकेत देता है।

--आईएएनएस

डीबीपी

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