भारतीय वैज्ञानिक डॉ. पी. कृष्णन संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक मत्स्य नेटवर्क के अध्यक्ष चुने गए
कोच्चि, 8 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय मत्स्य वैज्ञानिक डॉ. पी. कृष्णन को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के क्षेत्रीय मत्स्य निकाय सचिवालय नेटवर्क (आरएसएन) का अध्यक्ष चुना गया है। उनके चयन के साथ भारत को अगले दो वर्षों के लिए वैश्विक मत्स्य शासन में महत्वपूर्ण नेतृत्व की भूमिका मिली है।
बंगाल की खाड़ी कार्यक्रम अंतर-सरकारी संगठन (बीओबीपी-आईजीओ) के निदेशक डॉ. कृष्णन का चुनाव रोम में आयोजित एफएओ की मत्स्य समिति (सीओएफआई) के 37वें सत्र के दौरान 2026-28 कार्यकाल के लिए किया गया। आरएसएन दुनिया भर के 50 से अधिक क्षेत्रीय मत्स्य निकायों के सचिवालयों का वैश्विक नेटवर्क है।
यह नेटवर्क छोटे स्तर की मत्स्य पालन व्यवस्था, जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन और महासागर शासन जैसे वैश्विक मुद्दों पर समन्वय का प्रमुख मंच माना जाता है।
डॉ. कृष्णन का चुनाव ऐसे समय हुआ है, जब भारत और दक्षिण एशिया के तीन अन्य देश छोटे स्तर के मछुआरा समुदायों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजनाएं तैयार कर रहे हैं।
एफएओ मुख्यालय में आयोजित विश्व लघु-स्तरीय मत्स्य शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए डॉ. कृष्णन ने कहा कि बंगाल की खाड़ी की क्षेत्रीय पहल दुनिया के अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।
बीओबीपी-आईजीओ, एफएओ के सहयोग से भारत और तीन अन्य दक्षिण एशियाई देशों को लघु-स्तरीय मत्स्य पालन के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना (एनपीओए-एसएसएफ) तैयार करने में सहायता दे रहा है। भारत इस दिशा में प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर चुका है।
भारतीय टास्क फोर्स ने मत्स्य क्षेत्र से जुड़े कानूनी ढांचे की समीक्षा की है और छोटे स्तर के मत्स्य क्षेत्र का विस्तृत प्रोफाइल भी तैयार किया है। क्षेत्रीय प्रक्रिया के तहत दिसंबर 2026 तक राष्ट्रीय कार्ययोजनाओं का मसौदा सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा, जबकि इन्हें औपचारिक रूप से 2027 में लागू किए जाने की उम्मीद है।
भारत में छोटे और पारंपरिक मछुआरे देश के मत्स्य कार्यबल का बड़ा हिस्सा हैं और खाद्य सुरक्षा व तटीय आजीविका में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्ययोजना का उद्देश्य इस बड़े लेकिन अब तक काफी हद तक असंगठित क्षेत्र के लिए औपचारिक नीतिगत ढांचा तैयार करना है।
आरएसएन के अध्यक्ष के रूप में डॉ. कृष्णन 2026-28 के दौरान एफएओ और क्षेत्रीय मत्स्य निकायों के साथ मिलकर छोटे स्तर की मत्स्य पालन व्यवस्था, जलवायु अनुकूलन, हाई सीज़ बायोडायवर्सिटी एग्रीमेंट (बीबीएनजे) के क्रियान्वयन और महासागर शासन में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर काम करेंगे।
--आईएएनएस
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