भारत और मिस्र ने डिजिटल सेवाओं में निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने पर चर्चा की: पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और मिस्र ने दोतरफा निवेश बढ़ाने, आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और डिजिटल माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के व्यापार को आसान बनाने के उपायों पर चर्चा की है।
पीयूष गोयल ने मिस्र के निवेश एवं विदेशी व्यापार मंत्री डॉ. मोहम्मद फरीद सालेह के साथ हुई बैठक की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। यह बैठक ब्रिक्स इंडिया 2026 व्यापार एवं उद्योग मंत्रियों की बैठक के इतर आयोजित की गई।
गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह को बढ़ाने और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। साथ ही डिजिटल माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के व्यापार को अधिक सरल और सुगम बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने एक्स पर लिखा, "ब्रिक्स इंडिया 2026 व्यापार एवं उद्योग मंत्रियों की बैठक के दौरान मिस्र के निवेश एवं विदेशी व्यापार मंत्री डॉ. मोहम्मद फरीद सालेह के साथ बैठक हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने, आर्थिक सहयोग को सशक्त बनाने और डिजिटल सेवाओं के व्यापार को सुगम बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।"
भारत और मिस्र के बीच यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश व्यापार और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार को देखते हुए डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
इस बीच, पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि ब्रिक्स देशों के पास विनिर्माण प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, तकनीकी सहयोग को गहरा करने, मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का बड़ा अवसर है।
गुरुवार को जयपुर में भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के तहत आयोजित ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि सदस्य देशों के बीच औद्योगिक सहयोग और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने की आवश्यकता है।
गोयल ने इस अवसर पर भारत की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने, स्टार्टअप नवाचार को बढ़ावा देने, स्वच्छ ऊर्जा सहयोग का विस्तार करने और तकनीक-आधारित लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
--आईएएनएस
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