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मजबूत डॉलर और फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से इस सप्ताह सोना 0.87 प्रतिशत फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। अमेरिका से उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़े आने के बाद इस सप्ताह सोने की कीमतों में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
मजबूत डॉलर और फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से इस सप्ताह सोना 0.87 प्रतिशत फिसला, चांदी में भी बड़ी गिरावट

नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। अमेरिका से उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़े आने के बाद इस सप्ताह सोने की कीमतों में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना वायदा 2.47 प्रतिशत गिर गया, जबकि जुलाई डिलीवरी वाली चांदी वायदा में 6.27 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल सोना वायदा 1,55,600 रुपए प्रति 10 ग्राम पर और चांदी 2,48,201 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाले सोने की कीमत 1,54,238 रुपए प्रति 10 ग्राम रही, जबकि सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को यह कीमत 1,55,599 रुपए थी। यानी एक सप्ताह में सोने की कीमतों में 1,361 रुपए की कमी दर्ज की गई है।

वहीं, आईबीजेए के आंकड़ों के मुताबिक, 999 प्यूरिटी वाली चांदी की कीमत 2,56,908 रुपए प्रति किलोग्राम रही, जबकि सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को सिल्वर की कीमत 2,63,250 रुपए प्रति किलोग्राम थी। यानी एक हफ्ते में चांदी का रेट 6,342 रुपए सस्ता हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना 136 डॉलर तक गिरकर 4,369 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो मार्च के आखिर के बाद का सबसे कमजोर स्तर है। इसके साथ ही सोना सप्ताहभर में करीब 5 प्रतिशत टूट गया।

वहीं, चांदी की कीमत 5.34 डॉलर गिरकर 68.63 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई। चांदी में सप्ताहभर के दौरान लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जब इसमें गिरावट आई।

मजबूत रोजगार आंकड़ों के कारण डॉलर इंडेक्स बढ़कर करीब 99.5 पर पहुंच गया। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई, जिससे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों जैसे सोना और चांदी की मांग कमजोर पड़ी।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में महंगाई अभी भी फेडरल रिजर्व के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। इससे वर्ष 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है और यह धारणा मजबूत हुई है कि ब्याज दरें पहले की अपेक्षा लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की स्थिति सोने की तुलना में अधिक कमजोर बनी हुई है। इसमें लगातार बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग को लेकर चिंताएं हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमुख समर्थन स्तरों के आसपास सोने ने कुछ मजबूती दिखाई है, लेकिन चांदी में अभी भी सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कॉमेक्स पर सोना फिलहाल 4,350 डॉलर के समर्थन स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं 4,460 से 4,500 डॉलर का दायरा इसके लिए प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र माना जा रहा है।

विशेषज्ञों ने कहा कि पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति, अमेरिकी डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियां और प्रमुख आर्थिक आंकड़े आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

--आईएएनएस

डीबीपी

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