चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और टैक्स बेनिफिट्स के चलते राज्य में ईवी का पंजीकरण बढ़ा : गुजरात आरटीओ अधिकारी
सूरत, 26 मई (आईएएनएस)। ईंधन की बढ़ती कीमतों और सरकार द्वारा बढ़ावा देने के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। साथ ही, मजबूत चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और टैक्स बेनिफिट्स के चलते लोग ईवी को तेजी से अपना रहे हैं। यह जानकारी एक आटीओ अधिकारी द्वारा दी गई।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए असिस्टेंट आरटीओ अंकित शाह ने कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने की अपील का जोरदार समर्थन किया है।
शाह ने कहा, “लोगों ने उनकी अपील का भरपूर समर्थन किया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में काफी वृद्धि हुई है।” उन्होंने आगे कहा कि चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और टैक्स बेनिफिट्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने आईएएनएस को बताया, “गुजरात सरकार विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी देती है। मोटर वाहन विभाग इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर छूट देता है। सामान्य पेट्रोल और डीजल वाहनों पर कर की दर 6 प्रतिशत है, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर इसे घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया है।”
डीलरों पर भी बढ़ती मांग साफ दिखाई दे रही है। सूरत में कार्गो ग्रुप बीवाईडी कार डीलर के सेल्स मैनेजर शगुन सोनी ने बताया कि बढ़ते वैश्विक तनाव और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंकाओं के कारण अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों पर विचार कर रहे हैं।
सोनी ने कहा, “कई जगहों पर युद्ध जैसी स्थिति है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं।” उन्होंने आगे बताया कि डीलरशिप ने पिछले तीन महीनों में लगभग 90 कारें बेचीं, जिनमें से 65 वाहन ग्राहकों को डिलीवर किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि ग्राहक ब्रांड को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि स्थानीय उत्पादन शुरू होने के बाद भारत में कंपनी की वृद्धि और भी तेज होगी। उन्होंने कहा, “कंपनी विस्तार के दौर में है।”
खरीदारी करते समय उपभोक्ता वैश्विक ईवी ब्रांडों और उन्नत बैटरी तकनीक पर भी ध्यान दे रहे हैं।
--आईएएनएस
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