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मदुरै में अवैध खनन पर होगी कार्रवाई, 11 पत्थर खदानों की ड्रोन सर्वे रिपोर्ट तैयार, अब होगी जमीनी जांच

मदुरै, 15 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु भूविज्ञान और खनन विभाग को मदुरै जिले में स्थित 11 पत्थर की खदानों के ड्रोन सर्वेक्षण की रिपोर्ट मिल गई है और अब विभाग यह पता लगाने के लिए जमीनी स्तर पर विस्तृत निरीक्षण करने की तैयारी कर रहा है कि क्या खदान संचालकों ने खनन नियमों का उल्लंघन किया है।
मदुरै में अवैध खनन पर होगी कार्रवाई, 11 पत्थर खदानों की ड्रोन सर्वे रिपोर्ट तैयार, अब होगी जमीनी जांच

मदुरै, 15 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु भूविज्ञान और खनन विभाग को मदुरै जिले में स्थित 11 पत्थर की खदानों के ड्रोन सर्वेक्षण की रिपोर्ट मिल गई है और अब विभाग यह पता लगाने के लिए जमीनी स्तर पर विस्तृत निरीक्षण करने की तैयारी कर रहा है कि क्या खदान संचालकों ने खनन नियमों का उल्लंघन किया है।

सर्वेक्षण में शामिल खदानों में कल्लिक्कुडी तालुक के कल्लनई गांव में स्थित सात और थिरुमंगलाम तालुक के पोन्नमंगलाम गांव में स्थित चार खदानें शामिल हैं। ये निरीक्षण जिले भर में खनन गतिविधियों के व्यापक ड्रोन-आधारित मूल्यांकन के तीसरे चरण का हिस्सा हैं।

मदुरै जिले की 58 खदानों में से कुल 47 खदानों को अब तक ड्रोन सर्वेक्षण के दायरे में लाया जा चुका है।

हवाई सर्वेक्षण के आंकड़े प्राप्त होने के बाद, भूविज्ञान और खनन विभाग के अधिकारी निष्कर्षों की पुष्टि के लिए जमीनी सर्वेक्षण करेंगे। इस प्रक्रिया में भूवैज्ञानिक संरचनाओं का मानचित्रण, खनिज भंडारों की पहचान और ड्रोन द्वारा प्राप्त आंकड़ों के साथ जमीनी अवलोकनों की तुलना करना शामिल होगा।

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विभाग एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा और आगे की कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग को सौंप देगा। यदि स्थलीय निरीक्षण में अवैध खनन, अतिक्रमण या अनुमत खनन सीमा से अधिक खनन जैसे उल्लंघन पाए जाते हैं, तो राजस्व विभाग संबंधित खदान संचालकों को नोटिस जारी करेगा।

इसके साथ ही खनन एवं पर्यावरण नियमों के अनुसार जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जिले के किसानों और निवासियों, विशेषकर कल्लनई गांव के निवासियों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद ड्रोन सर्वेक्षण की पहल शुरू की गई थी। क्षेत्र में तैनात ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों ने बड़े पैमाने पर अवैध खनन कार्यों का आरोप लगाया था, जिनसे पर्यावरण को नुकसान हो रहा था।

स्थानीय निवासियों का दावा था कि खनन संचालक खनन नियमों का उल्लंघन कर रहे थे और कुंदरू नदी प्रणाली से जुड़े प्राकृतिक मार्गों को नष्ट कर रहे थे और ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण कर रहे थे।

स्थानीय निवासियों ने गांव के अंदर 100 दिनों से अधिक समय तक विरोध प्रदर्शन किया और बाद में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इन चिंताओं को उजागर करने वाली याचिकाएं जिला कलेक्टर के. जे. प्रवीण कुमार को भी सौंपी गईं।

ड्रोन सर्वेक्षण के पहले चरण में ही कई उल्लंघन उजागर हुए थे। पहले चरण में, थिरुमंगलाम तालुक में छह पत्थर की खदानों की जांच की गई, जिनमें से पांच में खनन नियमों का उल्लंघन पाया गया।

संचालकों पर जुर्माना लगाया गया, हालांकि एक खदान मालिक ने अदालत में इस कार्रवाई को चुनौती दी, जबकि अन्य ने जुर्माना अदा कर दिया।

दूसरे चरण में, ड्रोन सर्वेक्षणों में वाडीपट्टी तालुक के कचैकट्टी गांव और कोंडयम्पट्टी क्षेत्र में स्थित पांच अतिरिक्त खदानों को शामिल किया गया, जहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एक पशु ओवरपास परियोजना का निर्माण किया जा रहा है।

सभी पांच खदानों को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप कुल 15 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया। इन जुर्मानों से संबंधित कानूनी चुनौतियां और अपीलें फिलहाल विचाराधीन हैं।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

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