अदाणी पावर, ड्रुक ग्रीन पावर भूटान में 770 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना करेंगी स्थापित
थिम्पू/अहमदाबाद, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। अदाणी पावर और भूटान की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (डीजीपीसी) ने मंगलवार को भूटान में 770 मेगावाट की चामखरछू-1 जलविद्युत परियोजना स्थापित करने की घोषणा की।
यह परियोजना दोनों साझेदारों के बीच दूसरी बड़ी जलविद्युत साझेदारी है। इससे पहले सितंबर 2025 में 570 मेगावाट की वांगछू जलविद्युत परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।
यह परियोजना मई 2025 में अदाणी समूह और डीजीपीसी के बीच हुए 5,000 मेगावाट की जलविद्युत विकास संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) का हिस्सा है।
हस्ताक्षर समारोह में भूटान के प्रधानमंत्री ल्योंचेन दाशो शेरिंग टोबगे ने शिरकत की। इस दौरान वित्त मंत्री, ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री के साथ ड्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (डीएचआई), भूटान पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसी), डीजीपीसी बोर्ड, डीजीपीसी प्रबंधन और अदाणी पावर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
अदाणी पावर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने कहा, “हम चामखरछू जलविद्युत परियोजना के माध्यम से भूटान की सरकार और डीजीपीसी के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करते हुए बेहद प्रसन्न हैं। दक्षिण एशिया के ऊर्जा बदलाव को तेज करने में जलविद्युत की अहम भूमिका होगी। यह परियोजना ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता कम करने और साझा स्थिरता लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।”
उन्होंने कहा कि इस परियोजना से भूटान की सर्दियों में बिजली की अधिकतम मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, गर्मियों के महीनों में अतिरिक्त हरित बिजली को भारत निर्यात करने में भी मदद मिलेगी, जिससे दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित होगा।
यह परियोजना मध्य भूटान के झेमगांग जिले में चामखरछू नदी पर स्थित है।
कंपनी के अनुसार, परियोजना को बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओओटी) मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। इसमें अदाणी पावर और डीजीपीसी के बीच 49:51 के इक्विटी साझेदारी अनुपात के साथ 30 साल की रियायत अवधि होगी, जिसकी गणना वाणिज्यिक संचालन शुरू होने की तारीख (सीओडी) से की जाएगी।
डीजीपीसी के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा, “यह साझेदारी भूटान के जलविद्युत विकास की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और भूटान तथा भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करती है। 770 मेगावाट की चामखरछू-1 जलविद्युत परियोजना भूटान की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में योगदान देगी, विशेष रूप से सर्दियों के महीनों में। इसके साथ ही, अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल और भारत को इसके निर्यात के अवसर भी पैदा होंगे।”
रिनजिन ने कहा, “हम इस महत्वपूर्ण परियोजना को साकार करने के लिए अडानी पावर के साथ मिलकर काम करने और व्यापक जलविद्युत विकास साझेदारी के तहत आगे के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में उत्सुक हैं।”
यह परियोजना भूटान की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को भी बढ़ावा देगी। निर्माण कार्य 2027 की पहली छमाही में शुरू होने की उम्मीद है और परियोजना की शुरुआत के छह साल के भीतर इसके वाणिज्यिक संचालन में आने का लक्ष्य है।
—आईएएनएस
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