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अदाणी और जैबिल ने भारत में वर्ल्ड-क्लास एआई डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाने के लिए साझेदारी की

अहमदाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जैबिल ने सोमवार को भारत में वर्ल्ड-क्लास, वर्टिकली इंटीग्रेटेड एआई और डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया।
अदाणी और जैबिल ने भारत में वर्ल्ड-क्लास एआई डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाने के लिए साझेदारी की

अहमदाबाद, 15 जून (आईएएनएस)। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी जैबिल ने सोमवार को भारत में वर्ल्ड-क्लास, वर्टिकली इंटीग्रेटेड एआई और डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया।

कंपनियों की योजना भारत में मल्टी गीगावाट की उच्च घनत्व वाली एआई रैक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता लगाने की है।

कंपनी के बयान के मुताबिक, यह अत्याधुनिक एसएमटी (सरफेस माउंट टेक्नोलॉजी) और जटिल बॉक्स-बिल्ड प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करके अगली पीढ़ी के लिक्विड-कूल्ड एआई रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग सिस्टम की एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और इंटीग्रेशन के जरिए ग्लोबल हाइपरस्केलर, को-लोकेशन सुविधाओं और एंटरप्राइज डेटा सेंटरों की अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को पूरा करेगा।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, “दुनिया एक ऐसी इंटेलिजेंट क्रांति में प्रवेश कर रही है जो पिछली किसी भी औद्योगिक क्रांति से कहीं अधिक गहरी है। ऊर्जा और कंप्यूटर के बीच सामंजस्य स्थापित करने में महारत हासिल करने वाले राष्ट्र ही आने वाले दशक को आकार देंगे। भारत इस क्षेत्र में नेतृत्व करने की स्थिति में है।”

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, "जैबिल के साथ हमारी साझेदारी भारत का पूरा एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टैक बनाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिसमें ग्रीन पावर बनाने से लेकर वर्ल्ड-क्लास हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग तक सब कुछ शामिल है। हम मिलकर यह पुख्ता करेंगे कि एआई के दौर में भारत सिर्फ कंज्यूमर ही न रहे, बल्कि इंटेलिजेंस का क्रिएटर, बिल्डर और एक्सपोर्टर भी बने।"

यह मजबूत साझेदारी एआई-रेडी डेटा सेंटर हार्डवेयर की तेजी से बढ़ती लोकल और ग्लोबल मांग को सीधे पूरा करने के लिए तैयार की जाएगी।

कंप्यूटिंग रैक के अलावा, इस साझेदारी में 'व्हाइट स्पेस' और 'ग्रे स्पेस' डिवाइस की पूरी रेंज की मैन्युफैक्चरिंग शामिल है। इसमें पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स (पीडीयू), कूलेंट डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट्स (सीडीयू), ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, बस बार और एडवांस्ड थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। अदाणी और जैबिल मिलकर एक एंड-टू-एंड, डिजाइन-से-डिप्लॉयमेंट हार्डवेयर इकोसिस्टम बनाना चाहते हैं, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वालों को एक ही जगह से पूरी तरह इंटीग्रेटेड सॉल्यूशन मिल सके।

जैबिल के सीईओ माइक दस्तूर ने कहा, "अदाणी ग्रुप के साथ यह रणनीतिक साझेदारी, प्रोडक्ट के पूरे लाइफसाइकल में स्केलेबल सॉल्यूशन देकर एआई इकोसिस्टम में ग्राहकों के लिए लंबे समय तक वैल्यू बनाने की हमारी कोशिशों में एक और कदम है।"

दस्तूर ने आगे कहा, "जैसे-जैसे भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एआई मार्केट में से एक बन रहा है, देश की कुशल वर्कफोर्स और सपोर्टिव बिजनेस माहौल इसे साझेदारी के लिए एक आकर्षक जगह बनाते हैं।"

यह पहल अगले सात वर्षों में 3 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के ग्लोबल मार्केट के मौके को भुनाने की कोशिश है, जो एआई कंप्यूट में स्ट्रक्चरल इन्वेस्टमेंट से प्रेरित है।

यह साझेदारी अदाणी ग्रुप के 2035 तक 5 गीगावाट के ग्रीन-एनर्जी से चलने वाले, हाइपरस्केल एआई-रेडी डेटा सेंटर बनाने के 100 अरब डॉलर की प्रतिबद्धतता से सीधे तौर पर जुड़ी है और ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ पहले से मौजूद साझेदारियों को और मजबूत करती है।

भारत का डेटा सेंटर मार्केट एक अहम मोड़ पर है; इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, एआई की बढ़ती मांग, क्लाउड के विस्तार और डेटा लोकलाइजेशन की जरूरतों के कारण 2030 तक इसकी क्षमता 5-8 गीगावाट तक पहुँच सकती है।

--आईएएनएस

एबीएस

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