स्क्रीन गार्ड पर सरकार का बड़ा एक्शन: टेम्पर्ड ग्लास के लिए लागू होंगे BIS नियम, जानें क्या महंगे हो जाएंगे दाम!
भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए स्क्रीन प्रोटेक्टर रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। लेकिन बाजार में अलग-अलग क्वालिटी के टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन गार्ड उपलब्ध हैं। इनमें कुछ बेहद सस्ते प्रोडक्ट ऐसे भी होते हैं जिनकी क्वालिटी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
अब सरकार स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स की क्वालिटी को लेकर नियम सख्त करने की तैयारी में है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के दायरे में शामिल किया है। नए नियमों के तहत कंपनियों को निर्धारित भारतीय मानकों का पालन करना होगा।
1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक 'Screen Protectors for Smartphones' को इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए लागू Compulsory Registration Scheme यानी CRS के दायरे में शामिल किया गया है।
नए नियम 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होने की बात कही गई है। इसका मतलब है कि निर्माताओं और आयातकों को अपने स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को निर्धारित भारतीय मानक IS 19348:2025 के अनुरूप तैयार करना होगा।
यानी फिलहाल बाजार में मौजूद सभी टेम्पर्ड ग्लास पर तत्काल कोई प्रतिबंध नहीं लग रहा है। कंपनियों को नए मानकों को पूरा करने के लिए समय दिया गया है।
स्क्रीन प्रोटेक्टर की क्वालिटी होगी टेस्ट
नए मानकों में स्क्रीन प्रोटेक्टर की क्वालिटी और मजबूती से जुड़े कई पहलुओं पर ध्यान दिया गया है। इनमें ग्लास का आकार, मजबूती, सतह की गुणवत्ता और स्क्रीन की स्पष्टता जैसी चीजें शामिल हैं।
बताए गए मानकों के अनुसार सामान्य ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए न्यूनतम 89 प्रतिशत लाइट ट्रांसमिशन और प्राइवेसी ग्लास के लिए कम से कम 59 प्रतिशत लाइट ट्रांसमिशन का प्रावधान है।
इसके अलावा ग्लास की कंप्रेसिव स्ट्रेंथ और बेंडिंग स्ट्रेंथ से जुड़े मानक भी निर्धारित किए गए हैं।
बुलबुले और खरोंच पर भी नजर
नए क्वालिटी मानकों में सिर्फ मजबूती ही नहीं, बल्कि स्क्रीन गार्ड की फिनिश और स्पष्टता को भी महत्व दिया गया है।
स्क्रीन प्रोटेक्टर की सतह पर अनावश्यक बुलबुले, खरोंच, दरारें या खराब और रफ किनारे जैसी कमियां नहीं होनी चाहिए। इसका मकसद ऐसा प्रोडक्ट उपलब्ध कराना है जो फोन की स्क्रीन पर लगाने के बाद डिस्प्ले की क्वालिटी को प्रभावित न करे।
एडहेसिव से लेकर एंटी-ग्लेयर कोटिंग तक की जांच
आजकल स्क्रीन प्रोटेक्टर्स में कई तरह के अतिरिक्त फीचर्स दिए जाते हैं। इनमें ओलेओफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर, ब्लू-लाइट फिल्टर, प्राइवेसी फिल्म और एंटी-शैटर लेयर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
नए मानकों के तहत ऐसे फीचर्स और स्क्रीन प्रोटेक्टर में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा।
पैकेजिंग पर भी देनी होगी जरूरी जानकारी
नए नियमों के बाद स्क्रीन प्रोटेक्टर की पैकेजिंग पर भी जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने की आवश्यकता होगी।
इसमें निर्माता का नाम, बैच नंबर, निर्माण की तारीख, ग्लास की मोटाई और संबंधित BIS मानक चिह्न जैसी जानकारियां शामिल होंगी।
इससे ग्राहकों को प्रोडक्ट के बारे में जरूरी जानकारी हासिल करने में आसानी हो सकती है।
क्या अभी से बाजार से हट जाएंगे सस्ते टेम्पर्ड ग्लास?
नहीं। नए नियम का मतलब यह नहीं है कि अगले दिन से बाजार में बिक रहे सभी सस्ते स्क्रीन गार्ड बंद हो जाएंगे।
नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होने हैं, इसलिए निर्माताओं और आयातकों को अपने उत्पादों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए समय दिया गया है।
नियम लागू होने के बाद निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले उत्पादों की बिक्री पर नियामकीय कार्रवाई हो सकती है।
क्या स्क्रीन गार्ड महंगे हो जाएंगे?
नए नियमों के कारण कीमतों पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। BIS मानकों के अनुसार टेस्टिंग और अनुपालन की लागत कंपनियों के खर्च को बढ़ा सकती है।
हालांकि, इसका पूरा खर्च ग्राहकों पर ही पड़ेगा या नहीं और कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह कंपनियों की लागत और बाजार की प्रतिस्पर्धा पर निर्भर करेगा।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
अगर नियम प्रभावी तरीके से लागू होते हैं, तो ग्राहकों को स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदते समय क्वालिटी और प्रोडक्ट की जानकारी को लेकर ज्यादा स्पष्टता मिल सकती है।
खास तौर पर बिना ब्रांड वाले ऐसे स्क्रीन गार्ड जिनकी मजबूती या क्वालिटी के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होती, उन पर नए मानकों का असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2027 के बाद स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदने का तरीका बदल सकता है, क्योंकि निर्माताओं और आयातकों को निर्धारित भारतीय मानकों और रजिस्ट्रेशन संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना होगा।

