CNAP Service: अब बिना Truecaller के भी दिख सकता है कॉल करने वाले का नाम, मोबाइल पर मिलेगी नई सुविधा
मोबाइल पर अनजान नंबर से आने वाली कॉल की पहचान करना जल्द आसान हो सकता है। दूरसंचार कंपनियां कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सुविधा शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके तहत फोन आने पर मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई दे सकेगा। इस सुविधा का उद्देश्य अनजान कॉल की पहचान को आसान बनाना और ग्राहकों को बेहतर जानकारी देना है। इसके लिए अलग से कोई शुल्क नहीं लेने की बात कही गई है।
इस सुविधा के लागू होने के बाद कई मामलों में कॉल करने वाले का नाम जानने के लिए Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप पर निर्भरता कम हो सकती है। हालांकि, इसकी उपलब्धता नेटवर्क और टेलीकॉम कंपनियों की व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
क्या है CNAP और कैसे करेगी काम?
CNAP का पूरा नाम कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन है। यह ऐसी सुविधा है, जिसमें इनकमिंग कॉल के दौरान कॉल करने वाले की पहचान से जुड़ा नाम मोबाइल स्क्रीन पर दिखाया जा सकता है।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने इस सुविधा को लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं। कंपनियां 4G और उससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर इसके परीक्षण कर चुकी हैं। 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर इसे लागू करने को लेकर अलग से विचार किया जाना है।
मोबाइल में नंबर सेव नहीं है, फिर भी दिख सकता है नाम
CNAP में स्क्रीन पर दिखाई देने वाला नाम इस बात पर निर्भर करेगा कि नंबर फोन में सेव है या नहीं।
- नंबर कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव है: स्क्रीन पर वही नाम दिखेगा, जिससे आपने नंबर सेव किया है।
- घरेलू नंबर सेव नहीं है: नाम की जानकारी संबंधित टेलीकॉम कंपनी के ग्राहक रिकॉर्ड से मिल सकती है।
- विदेशी नंबर से कॉल आती है: स्क्रीन पर ‘International Call’ दिखाई दे सकता है।
अनजान नंबर के मामले में नाम की सटीकता टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड पर निर्भर करेगी। इसलिए यह जरूरी नहीं कि हर स्थिति में दिखाई देने वाला नाम सही हो।
क्या CNAP से फ्रॉड कॉल पर लगेगी रोक?
CNAP की मदद से ग्राहकों को अनजान कॉल पहचानने में सहूलियत मिल सकती है, लेकिन इससे धोखाधड़ी वाली कॉल पूरी तरह बंद होने की गारंटी नहीं है। मोबाइल स्क्रीन पर नाम दिखाई देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि कॉल करने वाला व्यक्ति वास्तव में वही है या कॉल सुरक्षित है।
इसलिए बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी विवरण मांगने वाली कॉल से सावधान रहना जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने या संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें।
बिजनेस नंबर के लिए क्या होंगे नियम?
बिजनेस और बल्क कनेक्शन वाले ग्राहकों को अपनी पहचान के लिए पसंदीदा नाम दिखाने का विकल्प मिल सकता है। इसके लिए संबंधित नाम का रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क होना या GST पोर्टल पर ट्रेड नेम के रूप में पंजीकृत होना जरूरी होगा। टेलीकॉम कंपनियां जांच के बाद ही अपने रिकॉर्ड में नाम बदल सकेंगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कारोबार से जुड़े नंबरों की पहचान को अधिक व्यवस्थित बनाना है, ताकि ग्राहकों को कॉल के दौरान सही जानकारी मिल सके।
प्राइवेसी के लिए भी रखे गए प्रावधान
जिन ग्राहकों ने नियमों के तहत कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) सुविधा सक्रिय कर रखी है, उन्हें CNAP से छूट दी जाएगी। ऐसे मामलों में कॉल पाने वाले की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम नहीं दिखाया जाएगा।
इसके अलावा, CNAP के लिए इस्तेमाल होने वाली व्यवस्था में कॉल समाप्त होने के बाद पहचान संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखने पर भी पाबंदियां निर्धारित की गई हैं। टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क और डेटाबेस की क्षमता बनाए रखने के साथ शिकायतों के समाधान की व्यवस्था भी करनी होगी।
कब से शुरू होगी सुविधा?
दी गई जानकारी के मुताबिक, इस सुविधा को 1 नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, ग्राहकों को यह सुविधा कब और किस नेटवर्क पर उपलब्ध होगी, इसकी पुष्टि संबंधित टेलीकॉम कंपनी की आधिकारिक घोषणा से करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, CNAP से मोबाइल पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान करना आसान हो सकता है और कुछ मामलों में Truecaller जैसे ऐप की जरूरत कम हो सकती है। लेकिन इसे फ्रॉड कॉल से पूरी सुरक्षा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

