मोबाइल खरीदना हुआ महंगा! Samsung, Xiaomi समेत अन्य ब्रांड्स ने भी बड़ाई कीमतें, जानिए क्या है वजह
अगर आप इस महीने नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर थोड़ा ज़्यादा बोझ पड़ने वाला है। अप्रैल के महीने में, लगभग सभी बड़े मोबाइल ब्रांड्स ने अपने फोन्स की कीमतें बढ़ा दी हैं। ग्लोबल सप्लाई में कमी और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने की वजह से कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग अब नए फोन खरीदने के बजाय पुराने या रीफर्बिश्ड फोन्स की तरफ रुख कर रहे हैं। आइए देखते हैं कि किन ब्रांड्स ने अपनी कीमतें बढ़ाई हैं, कितनी बढ़ाई हैं, और इन कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे असली वजहें क्या हैं।
Samsung और Oppo जैसे ब्रांड्स की कीमतों में बढ़ोतरी
ऑल इंडिया मोबाइल रिटेल एसोसिएशन (AIMRA) और अलग-अलग डीलर्स के मुताबिक, लगभग सभी बड़ी कंपनियों ने या तो अपनी कीमतें बढ़ा दी हैं या फिर अपने द्वारा दिए जाने वाले डिस्काउंट्स में कटौती कर दी है।
Samsung ने कीमतों में 3% से लेकर 22% तक की बड़ी बढ़ोतरी की है।
Oppo और Poco के फोन्स भी महंगे हो गए हैं, जिनकी कीमतों में 6% से 18% तक की बढ़ोतरी हुई है।
Xiaomi ने अपनी कीमतें 3% से 15% तक बढ़ाई हैं।
Realme के फोन्स की कीमतों में 3% से 12% तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
Nothing Phone की कीमत 13–14% तक बढ़ गई है।
Motorola ने कीमतों में 4% से 9% तक की बढ़ोतरी की है।
Vivo भी 15 अप्रैल से अपनी कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
राहत की बात यह है कि OnePlus ने फिलहाल अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
Apple ने डिस्काउंट्स में कटौती की
हालांकि Apple ने सीधे तौर पर फोन्स की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं, लेकिन उसने ग्राहकों को मिलने वाले डिस्काउंट्स और ऑफर्स में भारी कटौती कर दी है। कंपनी ने iPhone 15 और 16 सीरीज़ पर पहले दिए जा रहे ₹5,000 के डिस्काउंट को वापस ले लिया है। इसके अलावा, iPhone 17 की नॉन-EMI खरीद पर मिलने वाला कैशबैक ₹6,000 से घटकर सिर्फ ₹1,000 रह गया है। नतीजतन, अब iPhone खरीदना पहले से ज़्यादा महंगा हो गया है, भले ही कीमतों में कोई औपचारिक बढ़ोतरी न हुई हो।
मोबाइल फोन्स महंगे क्यों हो रहे हैं?
कंपनियों का कहना है कि इस ट्रेंड के पीछे कई बड़ी वजहें हैं:
AI की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से चिप्स की मांग बढ़ गई है, जिससे मोबाइल कंपोनेंट्स की लागत बढ़ गई है।
डॉलर के मुकाबले रुपये के कमज़ोर होने से विदेश से इंपोर्ट किए जाने वाले पार्ट्स की लागत बढ़ गई है। प्लास्टिक और मेमोरी कंपोनेंट्स जैसे कच्चे माल की कीमतों में भी काफ़ी बढ़ोतरी हुई है।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण शिपिंग और इंश्योरेंस की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर मोबाइल फ़ोन की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है।
फ़ोन की बढ़ती कीमतों के कारण मोबाइल की मांग में गिरावट
फ़ोन की बढ़ती कीमतों का सीधा असर बाज़ार में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है। डीलरों का कहना है कि मार्च महीने में मोबाइल की बिक्री में लगभग 30% की गिरावट आई है। अब ग्राहक या तो नया फ़ोन खरीदने की अपनी योजना टाल रहे हैं, या फिर अपने बजट में रहने के लिए 'सेकंड-हैंड' और 'रिफर्बिश्ड' स्मार्टफ़ोन की तलाश कर रहे हैं।

