AI लाएगा बेरोज़गारी का सैलाब! 35% नौकरियां ख़त्म होने का दावा, लिस्ट में आपकी जॉब तो नहीं?
जब किसी इंडस्ट्री में सामान्य बदलाव होता है तो मौजूदा कंपनियां और बड़े खिलाड़ी अक्सर उसका फायदा उठाते हैं। लेकिन जब बदलाव बहुत बड़ा और पूरी इंडस्ट्री को प्रभावित करने वाला हो, तब नए खिलाड़ी और स्टार्टअप्स के लिए भी बड़े मौके पैदा होते हैं। AI को लेकर भी कुछ ऐसा ही बदलाव देखने को मिल रहा है।एक्सपर्ट के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर पारंपरिक नौकरियों के तरीके को बदल सकता है और इसके साथ ही एंटरप्रेन्योरशिप के एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है।
भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि देश के लिए Sovereign AI में निवेश करना महत्वपूर्ण है, लेकिन सिर्फ इससे रोजगार की समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, AI आधारित कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ भी बड़े पैमाने पर कारोबार खड़ा कर सकती हैं।उन्होंने इसका उदाहरण Anthropic से देते हुए कहा कि कंपनी करीब 4,000 कर्मचारियों के साथ लगभग 70 अरब डॉलर का रेवेन्यू जनरेट कर रही है। उनका तर्क है कि AI कंपनियों की खासियत यही है कि वे अपेक्षाकृत कम कर्मचारियों के साथ काफी बड़ी वैल्यू तैयार करने की क्षमता रखती हैं।
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर भी उन्होंने एक अहम बात कही। उनके मुताबिक, फिलहाल भारतीय स्टार्टअप्स के सामने सबसे बड़ी समस्या पूंजी की कमी नहीं है। निवेशकों के पास फंडिंग मौजूद है, लेकिन कई नए संस्थापकों के बिजनेस आइडिया में पर्याप्त गहराई और मजबूत सोच की कमी दिखाई देती है।
AI के भविष्य और AGI को लेकर उन्होंने संभावित जोखिमों पर भी चर्चा की। उनका कहना था कि अगर AI सिस्टम भविष्य में स्वतंत्र रूप से काम करने और खुद नए AI सिस्टम विकसित करने की क्षमता हासिल कर लेते हैं, तो यह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बेहद बड़ा बदलाव होगा। उन्होंने इस संभावना को गंभीरता से देखने की जरूरत बताई।
इसके अलावा AI को तेजी से अपनाने और कंपनियों से तुरंत नतीजे मिलने की उम्मीद के बीच बढ़ते अंतर पर भी उन्होंने बात की। सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी शेयरों में बड़ी गिरावट के बाद कंपनियों पर अब यह साबित करने का दबाव बढ़ गया है कि AI में किया जा रहा भारी निवेश सिर्फ तकनीक अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे वास्तविक कारोबारी फायदा भी मिल रहा है।
कुल मिलाकर, AI का असर सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रहने वाला है। इससे नौकरियों, स्टार्टअप्स, निवेश और कारोबार करने के तरीकों में बड़े बदलाव आने की संभावना पर दुनिया भर में चर्चा तेज हो गई है।

