ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: सनातन धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व होता है लेकिन गुप्त नवरात्रि को बहुत ही खास माना गया है जो कि साल में दो बार पड़ती है इस दिन मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा आराधना की जाती है और व्रत भी रखा जाता है, मान्यता है कि ऐसा करने से देवी की कृपा बरसती है। इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का आरंभ 6 जुलाई से हो रहा है और इसका समापन 15 जुलाई को हो जाएगा।

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थाना की जाती है इसके साथ ही नौ दिनों तक उपवास भी रखा जाता है मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन के दुखों का समाधान होता है और माता की अपार कृपा बरसती है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा गुप्त नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त आपको बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

कलश स्थापना की पूजा का शुभ मुहूर्त—
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि की पूजा का आरंभ कलश स्थापना के साथ किया जाता है यानी 6 जुलाई को सबसे पहले कलश की स्थापना की जाएगी। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है जिसके द्वारा देवी देवताओं का आह्वान कर उन्हें बुलाया जाता है इस बार आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 6 जुलाई को प्रात: काल 5 बजकर 56 मिनट से लेकर 10 बजकर 5 मिनट तक है।

वही इसके बाद दोपहर में अभिजीत मुहूर्त है जो कि 11 बजकर 47 मिनट से लेकर 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। इन दोनों ही शुभ मुहूर्त में आप कलश स्थापना कर सकते हैं मान्यता है कि मुहूर्त में कलश स्थापना करने से पूजा पाठ का फल प्राप्त होता है।


