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अनंत चतुर्दशी के दिन बन रहा मंगल बुधादित्य योग, इस मुहूर्त में पूजा से मिलेगा लाभ

Papmochani ekadashi vrat puja vidhi: 7 अप्रैल को है पापमोचनी एकादशी, जानिए पूजन विधि और मुहूर्त

ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: अनंत चतुर्दशी पर्व को बहुत ही खास माना जाता हैं वही पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता हैं इे अनंत चौदस भी कहा जाता है। इस बार अनंत चौदस 19 सितंबर को पड़ रहा हैं अनंत चौदस का दिन श्री हरि विष्णु को समर्पित होता हैं

vishnu इस दिन भक्त व्रत रखकर श्री विष्णु के अनंत रूप की आराधना करते हैं और उन्हें अनंत सूत्र बांधते हैं अनंत सूत्र वस्त्र या रेशम का बना होता हैं और इसमें 14 गांठ लगी होती हैं मान्यता है कि अनंत चतुर्दशी के दिन श्री विष्णु को अनंत सूत्र बांधने से सभी बाधाओं से मुक्ति मिल जाती हैं तो आज हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं तो आइए जानते हैं। 

vratअनंत चौदस को भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन भी किया जाता हैं बहुतायत लोग इस दिन श्री गणेश की आराधना करके उनका विसर्जन करते हैं और अगले साल फिरआने के लिए प्रार्थना करते हैं।  

जानिए अनंत चौदस का पूजा मुहूर्त—
अनंत चतुर्दशी के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6.07 मिनट से आरंभ होगा। जो अगले दिन 20 सितंबर का सुबह 5.30 बजे तक रहेगा। अनंत चतुर्दशी पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त की कुल अवधि 23 घंटे 22 मिनट तक रहेगी। 

vratजानिए मंगल बुधादित्य योग के बारे में—
पंचांग के मुताबिक वर्ष 2021 में अनंत चौदस का त्योहार 19 सितंबर दिन शनिवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष गणना के मुताबिक इस दिन मंगल, बुध और सूर्य एक साथ कन्या राशि में विराजमान होंगे। वही तीनों के एक साथ होने के कारण मंगल बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा हैं

vishnuधार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस विशिष्ट योग में भगवान की पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती हैं। मान्यता है कि इस मुहूर्त में पूजा करने से भक्तों की अनंत बाधाएं दूर हो जाती हैं उनकी मनोकामना पूरी होती हैं उनके सभी प्रकार के पाप व संकट नष्ट हो जाते हैं घर परिवार में सुख शांति और सौहार्द का आगमन होता हैं इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के अलावा भगवान श्री गणेश का विसर्जन भी किया जाता हैं ऐसे में अनंत चतुर्दशी का महत्व और अधिक बढ़ जाता हैं। 

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