महाशिवरात्रि के दिन इन मंत्रों के साथ शिव को चढ़ाएं बेलपत्र, पूरी होगी हर कामना
ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में त्योहारों को विशेष महत्व दिया जाता है वही भगवान शिव और मां पार्वती के विवाहोत्सव को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है महाशिवरात्रि फाल्गुन मास की त्रयोदशी को मनाई जाती है इस बार महाशिवरात्रि 1 मार्च को पड़ने वाली है ग्रथों के अनुसार इस दिन शिव और पार्वती का मिलन हुआ था साथ ही मान्यता यह भी है कि इस दिन शिव दिव्य ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे इसलिए कई भक्त घरों में रुद्राभिषेक करते हैं

महाशिवरात्रि पर विधि विधान से रूद्राभिषेक करने से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है इसके अलावा महाशिवरात्रि पर बेलपत्र से शिव पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर हो जाती हैं ऐसे में आज हम आपको भोलेनाथ को किन मंत्रें से बेलपत्र अर्पित करना चाहिए उसे बता रहे हैं तो आइए जानते हैं।

महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले 11 या 21 बेलपत्र ले जाएं बेलपत्र की कोई भी पत्तियां कटे हुए नहीं होने चाहिए इसके बाद इन बेलपत्र को शुद्ध पानी से साफ कर लें। फिर एक कटोरे या किसी शुद्ध पात्र में दूध डालकर उसमें बेलपत्र को शुद्ध कर लें। इसके बाद इसे गंगाजल से भी शुद्ध कर लें अब सभी बेलपत्र पर चंदन से ॐ लिखें। फिर इस पर सुगंधित इत्र छिड़ककर ॐ नम: शिवाय मंत्र बोलते हुए सभी बेलपत्र शिवलिंग पर अर्पित करें।

शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते वक्त करें इन मंत्रों का जाप
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुधम् ।
त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम् ॥
अखण्डै बिल्वपत्रैश्च पूजये शिव शंकरम् ।
कोटिकन्या महादानं बिल्व पत्रं शिवार्पणम् ॥
दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनम् पापनाशनम् ।
अघोर पाप संहारं बिल्व पत्रं शिवार्पणम् ॥
गृहाण बिल्व पत्राणि सपुश्पाणि महेश्वर ।
सुगन्धीनि भवानीश शिवत्वंकुसुम प्रिय ॥
नमो बिल्ल्मिने च कवचिने च नमो वर्म्मिणे च वरूथिने च
नमः श्रुताय च श्रुतसेनाय च नमो
दुन्दुब्भ्याय चा हनन्न्याय च नमो घृश्णवे॥


