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जानें जया पार्वती व्रत की पूजा विधि, विवाहित महिलाओं को मिलेगा अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान

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ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में कई सारे व्रत त्योहार पड़ते हैं और सभी का अपना महत्व भी होता है लेकिन जया पार्वती व्रत को बेहद ही खास माना गया है जो कि आषाढ़ माह में आता है इस दिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं उपवास रखते हुए माता पार्वती और भगवान शिव की विधिवत पूजा करती है माना जाता है कि ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है

jaya parvati vrat 2024 vrat puja vidhi and importance

हिंदू पंचांग के अनुसार जया पार्वती व्रत हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है इस बार यह व्रत 19 जुलाई दिन शुक्रवार यानी की आज मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस व्रत को अगर विधिवत किया जाए साथ ही नियमों का पालन किया जाए तो सभी बाधाओं का नाश हो जाता है साथ ही महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान मिलता है इसके अलावा अगर कुंवारी कन्याएं जया पार्वती व्रत करती है तो उन्हें मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा जया पार्वती व्रत से जुड़ी पूजा विधि बता रहे हैं तो आइए जानते हैं। 

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जया पार्वती पूजा विधि—
आपको बता दें कि जया पार्वती के दिन सुबह उठकर स्नान आदि करें इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण कर माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा की स्थापना पूजन स्थल पर करें और उनके समक्ष व्रत का संकल्प करें। इसके बाद देवी देवता का विधिवत अभिषेक करें अब सफेद चंदन और कुमकुम का तिलक लगाएं। इसके बाद भगवान को पुष्प अर्पित कर बेलपत्र और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें इसके बाद देसी घी का दीपक जलाएं अब मिठाई, पांच फल और घर पर बना प्रसाद देवी को अर्पित करें पूरी निष्ठा भाव के साथ वैदिक मंत्रों का जाप करके आरती करें पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा जरूर मांगे। इसके बाद अपनी प्रार्थना देवी से कहें। 

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इन मंत्रों का करें जाप—

1. ह्रीं गौर्य नम :

है गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया।

तथा मां कुरू कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम्।।

2. ॐ नमः मनोभिलाषितं वरं देहि वरं ह्रीं ॐ गोरा पार्वती देव्यै नमः

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