अधिक मास में राधा-कृष्ण की भक्ति और धार्मिक उत्सवों में शामिल होना विशेष पुण्यदायी माना जाता है. यही कारण है कि अधिक मास के दौरान बरसाना, नंदगांव, वृं...
अधिक मास को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान भगवान विष्णु, राधा-कृष्ण की पूजा और भक्ति करने से विशेष फल प्राप्त होता है। यही वजह है कि अधिक मास लगते ही ब्रज क्षेत्र के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगती है।
मान्यता है कि अधिक मास में किए गए जप, तप, दान और पूजा का कई गुना फल मिलता है। खासतौर पर राधा-कृष्ण की भक्ति को अत्यंत शुभ माना गया है। इसी कारण बरसाना, नंदगांव और वृंदावन जैसे धार्मिक स्थलों में भक्तों का सैलाब देखने को मिल रहा है।
ब्रज क्षेत्र के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में दर्शन कर राधा-कृष्ण की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। सुबह से लेकर देर रात तक मंदिरों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
धार्मिक जानकारों के अनुसार अधिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना माना जाता है। इस दौरान व्रत, दान और धार्मिक आयोजनों में भाग लेने से जीवन में सुख-समृद्धि आने की मान्यता है। कई श्रद्धालु इस पूरे महीने विशेष पूजा और नियमों का पालन करते हैं।
वृंदावन और बरसाना के प्रमुख मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है। जगह-जगह रासलीला और संकीर्तन कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। देशभर से श्रद्धालु ब्रज पहुंचकर आध्यात्मिक अनुभव का आनंद ले रहे हैं।
अधिक मास के दौरान धार्मिक पर्यटन भी बढ़ जाता है। होटल, धर्मशालाएं और मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरे नजर आ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस समय ब्रज क्षेत्र में भक्तों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा रहती है।
धार्मिक मान्यताओं और आस्था के चलते अधिक मास को बेहद खास माना जाता है। राधा-कृष्ण की भक्ति में डूबा ब्रज क्षेत्र इन दिनों पूरी तरह भक्तिमय माहौल में नजर आ रहा है।

