ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में पूर्णिमा और अमावस्या की तिथि को बेहद ही खास माना जाता है अभी माघ मास का पावन महीना चल रहा है इसके बाद 6 फरवरी से फाल्गुन मास का आरंभ हो जाएगा इस साल फाल्गुन मास की अमावस्या सोमवती अमावस्या कहलाएगी। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान दान और पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है।

इस दिन शिव का रुद्राभिषेक करने से जातक के तमाम कष्ट और ग्रहों के अशुभ फल से मुक्ति मिलती है मान्यता है कि इस अमावस्या पर श्राद्ध तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनके वंशों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा सोमवती अमावस्या से जुड़ी तिथि और मुहूर्त के बारे में बता रहे है तो आइए जानते है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन मास में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या 20 फरवरी दिन सोमवार को पड़ रही है इस दिन पूजा पाठ, व्रत उपवास के साथ साथ स्नान दान करने से जातक को यज्ञों के समान फल की प्राप्ति होती है।
सोमवती अमावस्या का मुहूर्त—
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की अमावस्या तिथि का आरंभ 19 फरवरी की शाम 4 बजकर 18 मिनट से होगा और इसका समापन 20 फरवरी दिन सोमवार को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर हो जाएगा। वही उदयातिथि के अनुसार इस साल सोमवती अमावस्या की पूजा और व्रत 20 फरवरी को करना उत्तम रहेगा।

धार्मिक रूप से अगर देखा जाए तो सोमवती अमावस्या बेहद खास होती है मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने वाला मनुष्य स्वस्थ, समृद्ध और सभी दुखों से मुक्त रहता है इस दिन शिव शंकर की कृपा पाने के लिए कच्चे दूध और गंगाजल से भगवान का अभिषेक करना भी उत्तम माना जाता है इससे भक्तों की मनोकामना शीघ्र ही पूर्ण हो जाती है और हर तरह की पीड़ा से भी मुक्ति मिलती है।


