ज्योतिष न्यूज़ डेस्क: हिंदू धर्म में वैसे तो सभी व्रत त्योहार खास होते हैं लेकिन तिलकुट चौथ को महत्वपूर्ण बताया गया है यह पर्व गौरी पुत्र गणेश को समर्पित होता है इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव के पुत्र श्री गणेश की विधिवत पूजा करती है तिलकुट चौथ को तिलकुट चतुर्थी, संकटा चौथ और सकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है

पंचांग के अनुसार तिलकुट चौथ का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है इस साल यह व्रत कल यानी 10 जनवरी 2023 दिन मंगलवार को किया जाएगा। तो आज हम आपको अपने इस लेख द्वारा तिलकुट चौथ की संपूर्ण पूजा विधि बता रहे हैं तो आइए जानते है।

तिलकुट चौथ पूजा विधि—
तिलकुट चौथ के दिन सुबह उठकर स्नान करें इसके बाद हाथ में सिक्का, पुष्प और जल लेकर निर्जला या फलाहार व्रत का संकल्प करें शाम के समय शुभ मुहूर्त में जहां पूजा करनी है वहां गोबर से लेपन करें और गंगाजल से पवित्र करें पूजा की चौकी रखें इस पर पीला वस्त्र बिछाएं। पान के पत्ते पर कुमकुम से स्वास्तिक बनाकर श्री गणेश के समक्ष अर्पित करे उन्हें सुपारी, लौंग, इलायची, लाल पीले पुष्प, पंचमेवा, धूप, दीपक, रोली, मौली, हल्दी, मेहंदी, अक्षत, सिंदूर, मौसमी आदि भगवान श्री गणेश पर अर्पित करें 21 दूर्वा के जोड़ें चढ़ाएं।

भगवान को भोग में तिलकुट अर्पित करें अब चौमुखी दीपक जलाकर सकट चौथ व्रत की कथा का पाठ करें सभी परिवार जनों के संग मिलकर भगवान की आरती करें और संतान को तिलक लगाकर भोग में चढ़ा प्रसाद खिलाएं और सभी में बांट दें। श्री गणेश की पूजा के बाद चांद निकलने पर चांदी के कलश में दूध, गंगाजल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और मन ही मन ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम: मंत्रों का जाप करें। मान्यता है कि इस विधि से पूजा आराधना करने से भगवान श्री गणेश और चंद्र देव का आशीर्वाद मिलता है और कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।


