देश के कई राज्यों में मौसम का कहर, वीडियो में देंखे आंधी, बारिश और ओले, 3 की मौत, दर्जनों घायल
मौसम विभाग ने सोमवार को देश के उत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण के 25 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें विशेष सतर्कता की आवश्यकता उन राज्यों में जताई गई है, जहां मौसम की स्थिति और भी गंभीर है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए चेताया है कि हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और कई इलाकों में ओले गिरने की संभावना भी है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम की मार का एक और दृश्य सामने आया। लाहौल-स्पीति क्षेत्र में बर्फबारी का आनंद लेने आए पर्यटक पूरी रात अटल टनल रोहतांग में फंसे रहे। बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई थी, जिसके चलते ट्रैफिक को रोक दिया गया। टनल में उस समय लगभग हजारों वाहन फंसे हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए।
पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मौसम ने कहर मचाया। सिक्किम के कई इलाकों में रविवार देर शाम तूफान के साथ मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश और तूफान के कारण कई बड़े पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। इस हादसे में रकडोंग काफर इलाके में एक महिला की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
ओडिशा के मयूरभंज जिले में भी मौसम ने तबाही मचाई। यहां एक भारी बवंडर आया, जिसमें दो लोगों की मौत हुई और 25 से ज्यादा लोग घायल हो गए। तेज तूफान के कारण जिले के लगभग 70 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य और घायलों के इलाज के लिए टीमें भेज दी हैं।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह असामान्य मौसम का प्रभाव है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों में वातावरणीय अस्थिरता के कारण तेज हवाएं, भारी बारिश और ओले गिरने जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 24 से 48 घंटे में इन राज्यों में परिस्थितियाँ और खराब हो सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे जोखिम वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करें और अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
इस मौसम की स्थिति ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन और यातायात प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और फिसलन के कारण सड़क यातायात बाधित हुआ, जबकि पूर्वोत्तर और ओडिशा में तूफान और बवंडर के कारण गंभीर मानव और संपत्ति का नुकसान हुआ। राज्य और स्थानीय प्रशासन अब प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौसमीय घटनाक्रम भविष्य में भी बढ़ सकते हैं, इसलिए राज्य और केंद्र सरकार को आपदा प्रबंधन और आपातकालीन तैयारी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। नागरिकों को भी सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

