सरकार की गलत नीतियों की जनता भुगत रही सजा, वर्षों से अटकी फाइल; सरमथुरा में बुनियादी सुविधाओं का संकट
Sarmathura कस्बे में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-11बी (NH-11B) पर स्थित यह कस्बा आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है, जबकि इसे नगरपालिका का दर्जा मिले लगभग 5 वर्ष का समय बीत चुका है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर पालिका बनने के बावजूद कस्बे में स्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है। इसके चलते यात्रियों को सड़क किनारे ही असुविधाजनक परिस्थितियों में बसों का इंतजार करना पड़ता है। सर्दी, गर्मी और बरसात—हर मौसम में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि विकास से जुड़ी कई फाइलें वर्षों से सरकारी दफ्तरों में अटकी पड़ी हैं। योजनाओं की मंजूरी और क्रियान्वयन में देरी के कारण कस्बे का विकास प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि यह स्थिति “गलत नीतियों और प्रशासनिक उदासीनता” का परिणाम है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
स्थानीय दुकानदारों और यात्रियों ने बताया कि बस स्टैंड की सुविधा न होने से न केवल यातायात अव्यवस्थित रहता है, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
नगरपालिका के गठन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी आएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अपेक्षा के अनुरूप नहीं बदल पाए हैं। लोगों ने मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द लंबित परियोजनाओं को मंजूरी दे और बस स्टैंड सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण कार्य शुरू करे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे इस मुद्दे को लगातार उच्च स्तर पर उठा रहे हैं और जल्द समाधान की उम्मीद है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सरमथुरा के विकास कार्यों को प्राथमिकता दिलाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
फिलहाल कस्बे में विकास की धीमी रफ्तार को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है और लोग प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

