हरियाणा, बिहार और ओडिशा में राज्यसभा चुनाव, वीडियो में देंखे वोटिंग जारी, क्रॉस वोटिंग का साया
हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों के लिए आज सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टियों की नजरें इस चुनाव पर इस कारण भी टिकी हुई हैं कि इन राज्यों में क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है। पार्टी नेताओं और सूत्रों का कहना है कि हर विधायक की संख्या और उनके वोटिंग पैटर्न इस चुनाव की दिशा तय कर सकते हैं।
बिहार की स्थिति पर नजर डालें तो यहां दो कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास अभी तक वोट डालने नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों के फोन भी बंद आ रहे हैं, जिससे उनके आगामी निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है। वहीं, तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी को भी एक विधायक का इंतजार है, जो अब तक वोट डालने नहीं पहुंचे हैं। यह विधायक किस दिशा में वोटिंग करेंगे, यह चुनाव के परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
इस समय तक एनडीए की तरफ से 176 विधायक ने वोटिंग कर दी है, जबकि महागठबंधन की तरफ से 37 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। इस आंकड़े से स्पष्ट होता है कि एनडीए फिलहाल अग्रणी स्थिति में है, लेकिन बाकी विधायकों के वोट से समीकरण बदल सकते हैं।
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सुबह वोटिंग की शुरुआत करते हुए पहला वोट डाला। मतगणना और वोटिंग के शुरुआती समय तक, यानी सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक, चुनाव के लिए कुल 25 वोट डाले जा चुके थे। हरियाणा में वोटिंग प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और चुनाव आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया।
कांग्रेस के विधायक इस बार विशेष रूप से संगठित नजर आए। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कसौली से रवाना होकर चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र हुड्डा के घर पर एकत्रित होकर विधानसभा की ओर प्रस्थान किया। यह कदम पार्टी की रणनीति को मजबूत करने और क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम करने के लिए माना जा रहा है। सभी विधायक एक साथ बस में विधानसभा पहुंचे और वहां सुरक्षित तरीके से वोटिंग की प्रक्रिया में शामिल हुए।
राज्यसभा चुनावों में हर विधायक के वोट की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इसमें किसी भी पार्टी की सत्ता या बहुमत सीधे प्रभावित नहीं होता, लेकिन राजनीतिक संतुलन और केंद्रीय नेतृत्व के लिए इसका महत्व अत्यधिक होता है। क्रॉस वोटिंग की संभावना, विधायकों की गैर-हाज़िरी और व्यक्तिगत फैसलों के चलते चुनाव परिणाम कई बार अनुमान से अलग निकलते हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस चुनाव के परिणाम से आने वाले महीनों में केंद्र और राज्यों में गठबंधन की ताकत पर प्रभाव पड़ेगा। खासकर बिहार और हरियाणा में विधायकों के वोटिंग पैटर्न को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल है। वहीं, ओडिशा में भी वोटिंग शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, लेकिन वहां के विधायक भी अपने निर्णय पर फोकस कर रहे हैं।
इस चुनाव की प्रक्रिया और परिणाम न केवल पार्टियों की रणनीति बल्कि पूरे राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। जैसे-जैसे वोटिंग समाप्त होगी, सभी की नजरें मतगणना पर टिकी रहेंगी। हरियाणा, बिहार और ओडिशा की यह राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया राजनीतिक दलों के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा की तरह है।

