ईरान संकट पर प्रधानमंत्री मोदी की मुख्यमंत्रियों से बैठक, वीडियो में देंखे तेल-गैस कमी की अफवाहों को सरकार ने बताया झूठ
देश में वैश्विक हालात और ईरान में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत करेंगे। इस अहम बैठक में मध्य पूर्व के बिगड़ते हालात और उनके संभावित असर पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जानकारी के अनुसार चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 24 मार्च को राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि यदि ईरान युद्ध लंबे समय तक जारी रहता है तो इसके गंभीर वैश्विक परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि आने वाला समय दुनिया के लिए कोरोना महामारी जैसे कठिन हालातों की तरह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। पीएम ने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया था।
इसी बीच केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और किसी भी तरह की आपूर्ति संकट की स्थिति नहीं है।मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा समय में देश के पास लगभग 60 दिनों का पेट्रोल और डीजल का स्टॉक उपलब्ध है, जो किसी भी वैश्विक आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है। सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही ईंधन संकट की खबरों को भ्रामक और प्रोपेगैंडा करार दिया है, जिसका उद्देश्य बाजार में ‘पैनिक बाइंग’ यानी घबराहट में खरीदारी को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की असत्यापित खबरों को आगे न बढ़ाएं। फिलहाल सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच देश की आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

