हैदराबाद के आईटी इंजीनियर ने छोड़ी 28 लाख की जॉब, सब-इंस्पेक्टर बनने का फैसला वायरल
हैदराबाद के एक कथित सॉफ्टवेयर इंजीनियर के फैसले ने सोशल मीडिया पर चर्चा का नया तूफान खड़ा कर दिया है। यह कहानी शुरू होती है नेहा सिंघल के ट्विटर पोस्ट से, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके पति पिछले 10 साल से आईटी सेक्टर में हैं और सालाना 28 लाख रुपए कमा रहे हैं। लेकिन ट्विस्ट यह है कि अब वह अपनी अच्छी-खासी जॉब छोड़कर सब-इंस्पेक्टर बनना चाहते हैं।
नेहा के ट्वीट में लिखा गया कि उनके पति ने अपनी नौकरी छोड़ने का फैसला पहले ही कर लिया है और अब वह सब-इंस्पेक्टर बनने की तैयारी में जुट गए हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गई और यूजर्स ने इस पर अपनी-अपनी राय देना शुरू कर दिया। कई लोग उनकी इस बहादुर और अप्रत्याशित सोच की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ ने इसे जोखिम भरा फैसला बताया।
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को देखने वाले यूजर्स ने कहा कि यह कहानी बताती है कि पैसा और पद केवल जीवन का मकसद नहीं हो सकते। कुछ लोगों ने लिखा कि “कई लोग आरामदायक और उच्च वेतन वाली जॉब छोड़कर अपने सपनों के पीछे नहीं जाते, लेकिन यह शख्स अपने जुनून को प्राथमिकता दे रहा है।” वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि यह कदम साहसिक होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी है, क्योंकि सब-इंस्पेक्टर बनने की तैयारी में मेहनत, समय और धैर्य की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फैसले यह दिखाते हैं कि व्यक्तिगत संतोष और सामाजिक योगदान भी जीवन में पैसा कमाने जितना ही महत्वपूर्ण हैं। आईटी जॉब छोड़कर पुलिस सेवा में जाने का मतलब केवल करियर बदलना नहीं, बल्कि समाज की सेवा और जिम्मेदारी भी उठाना है।
नेटिजन्स ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर इस विषय को लेकर बहस शुरू कर दी है। कुछ यूजर्स का कहना है कि “28 लाख की नौकरी छोड़ना बहुत बड़ी बात है, लेकिन अगर यह कदम आत्मसंतोष और समाज सेवा के लिए है, तो इसे सलाम करना चाहिए।” वहीं, कुछ ने कहा कि यह एक अनपेक्षित और रिस्की निर्णय है, क्योंकि तैयारी के दौरान और नौकरी बदलते समय आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है।
वीडियो और पोस्ट के वायरल होने के बाद यह कहानी युवा वर्ग और करियर विकल्पों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह दिखाता है कि चाहे कोई कितना भी सफल क्यों न हो, अपने सपनों और जुनून का पीछा करना कभी भी देर नहीं होती।
अंततः हैदराबाद के इस आईटी इंजीनियर का फैसला यह साबित करता है कि जीवन में पैसा ही सब कुछ नहीं होता। कभी-कभी खुशी, संतोष और समाज सेवा की चाह इंसान को बड़े और साहसिक फैसले लेने के लिए प्रेरित करती है। सोशल मीडिया पर वायरल यह मामला युवाओं के बीच करियर विकल्पों और व्यक्तिगत संतोष पर बहस का केंद्र बन गया है।

