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पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की 48 साल बाद फिर से गिनती शुरू, सुरक्षा में कड़ी व्यवस्था

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की 48 साल बाद फिर से गिनती शुरू, सुरक्षा में कड़ी व्यवस्था

ओडिशा के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के ऐतिहासिक रत्न भंडार (खजाने) की गिनती और सूची तैयार करने की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई। लगभग 48 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यह महत्वपूर्ण कार्य दोबारा किया जा रहा है, जिससे धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से इसे बेहद अहम माना जा रहा है।

यह रत्न भंडार भारत के Odisha राज्य के Puri स्थित विश्व प्रसिद्ध Jagannath Temple में मौजूद है। यह भंडार भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के कीमती आभूषणों और धार्मिक वस्तुओं का संग्रह माना जाता है, जिसे सदियों से अत्यंत पवित्र और सुरक्षित माना जाता रहा है।

इस भंडार को Ratna Bhandar के नाम से जाना जाता है, और यह मंदिर की सबसे रहस्यमयी और सुरक्षित संरचनाओं में से एक है। इसमें सोने-चांदी के आभूषण, रत्न जड़ित वस्तुएं और अन्य बहुमूल्य धार्मिक सामग्री रखी हुई है, जिनका उपयोग विशेष धार्मिक अवसरों और अनुष्ठानों में किया जाता है।

जानकारी के अनुसार, यह प्रक्रिया काफी लंबे समय बाद शुरू की गई है। इससे पहले 48 साल पहले रत्न भंडार की विस्तृत सूची और मूल्यांकन किया गया था। इस बार की गिनती प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय और सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराया जा रहा है।

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए विशेषज्ञों और अधिकृत टीमों को शामिल किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की प्रवेश पर रोक लगाई गई है।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में इस प्रक्रिया को लेकर गहरी रुचि देखी जा रही है, क्योंकि रत्न भंडार को लेकर लंबे समय से कई प्रकार की धार्मिक मान्यताएं और जिज्ञासाएं जुड़ी रही हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी प्रक्रिया केवल प्रशासनिक और धार्मिक व्यवस्था के तहत की जा रही है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि रत्न भंडार की सूची तैयार होने से भविष्य में संपत्तियों के संरक्षण और प्रबंधन में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।

इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के शुरू होने के साथ ही पुरी में धार्मिक माहौल और भी अधिक भक्तिमय हो गया है, और देशभर से श्रद्धालु इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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