Samachar Nama
×

उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक को 7 साल पूरे, कभी फिल्म को रिजेक्ट करना चाहते थे विक्की कौशल

मुंबई, 11 जनवरी (आईएएनएस)। विक्की कौशल के करियर का टर्निंग पॉइंट रही 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' सिर्फ अभिनेता या डायरेक्टर के लिए ही खास नहीं रही, बल्कि इस फिल्म ने देशभक्ति से भरी फिल्मों को नया विजन भी दिया।
उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक को 7 साल पूरे, कभी फिल्म को रिजेक्ट करना चाहते थे विक्की कौशल

मुंबई, 11 जनवरी (आईएएनएस)। विक्की कौशल के करियर का टर्निंग पॉइंट रही 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' सिर्फ अभिनेता या डायरेक्टर के लिए ही खास नहीं रही, बल्कि इस फिल्म ने देशभक्ति से भरी फिल्मों को नया विजन भी दिया।

फिल्म सत्य घटना पर आधारित थी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्क्रिप्ट सुनने के बाद विक्की ने फिल्म को रिजेक्ट करने का मन बना लिया था, लेकिन अपने पिता के कहने पर फिल्म को 'हां' कहा था।

11 जनवरी 2019 को रिलीज हुई फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' साल की सुपरहिट फिल्मों की लिस्ट में शामिल थी, जिसने अपने बजट से तीन गुना कमाई की और राजनीतिक गलियों में भी फिल्मों को लेकर बहुत शोर हुआ। फिल्म को प्रोपेगेंडा साबित करने की कोशिश भी की गई, लेकिन फिल्म तब तक पूरे भारत में छा चुकी थी। फिल्म को आदित्य धर ने डायरेक्ट किया और उनकी पहली पसंद भी विक्की कौशल थे, हालांकि आदित्य से जुड़े लोगों का कहना था कि एक सैनिक के किरदार में पतले-दुबले विक्की क्या स्क्रीन पर सही लगेंगे, लेकिन आदित्य ने ठान लिया था कि फिल्म तो विक्की के साथ ही करनी है।

दूसरी तरफ, विक्की फिल्म की स्क्रिप्ट के बाद कंफ्यूजन में थे कि ऐसी फिल्म करनी चाहिए या नहीं। विक्की का मानना है कि जब तक वे किसी भी स्क्रिप्ट से जुड़ाव महसूस नहीं करते, तब तक फिल्म के लिए 'हां' नहीं कहते। उरी की स्क्रिप्ट पढ़कर भी उन्हें कुछ ऐसा ही महसूस हुआ और वे फिल्म को न करने का मन बना चुके थे, हालांकि पिता की सलाह पर उन्होंने फिल्म को करने का फैसला लिया।

अभिनेता ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि फिल्म की स्क्रिप्ट से उन्हें जुड़ाव महसूस नहीं हुआ था, लेकिन उनके पिता ने दोबारा स्क्रिप्ट को पढ़ने के लिए कहा और सलाह दी कि अगर उन्होंने यह फिल्म नहीं की तो यह उनकी सबसे बड़ी गलती होगी, तभी उन्होंने स्क्रिप्ट दोबारा पढ़ी और हां कह दी। इसी फिल्म की बदौलत ही विक्की को बॉलीवुड में पहचान मिली और पहला राष्ट्रीय पुरस्कार भी। वहीं आदित्य धर के करियर के लिए भी फिल्म मील का पत्थर साबित हुई थी। ये बतौर निर्देशक उनकी फिल्म थी, जिसने उन्हें अलग पहचान दिलाई।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

Share this story

Tags