मद्रास हाईकोर्ट ने थलपति विजय पर ठोका 1.5 करोड़ का भारी जुर्माना, जानिए आखिर क्या है वजह ?
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय अपनी आने वाली फिल्म जननेता (जन नायकन) को लेकर लंबे समय से सुर्खियों में हैं। फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट अभी अटका हुआ है। 27 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट ने एक सिंगल जज के फैसले को पलट दिया था, जिसमें सेंसर बोर्ड को फिल्म के लिए सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद मामला वापस सिंगल बेंच को भेज दिया गया था। अब, विजय को मद्रास हाई कोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। उन्हें 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है। हालांकि, यह मामला उनकी फिल्म से जुड़ा नहीं है, बल्कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा लगाए गए जुर्माने से संबंधित है।
थलपति विजय ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के उस आदेश को चुनौती देते हुए मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्हें 1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया था। हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, विजय ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 15 करोड़ रुपये की आय का खुलासा नहीं किया था। जुर्माना लगाए जाने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली है।
विजय के वकील का अनुरोध
विजय की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस सेंथिलकुमार राममूर्ति ने कहा कि जुर्माना लगाने का आदेश तय समय सीमा के भीतर पारित किया गया था। इसलिए, आदेश में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसमें दखल देने की जरूरत हो। विजय का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने आदेश को चुनौती देने की अनुमति मांगी। जज ने जवाब दिया कि याचिकाकर्ता को अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष आदेश को चुनौती देने का अधिकार है।
'पुली' से कमाई का खुलासा न करने का आरोप
23 जनवरी को, जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब, फैसला सुना दिया गया है। 2015 में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने उनके आवास पर छापा मारा था। उस छापे के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर, उन पर फिल्म 'पुली' से कमाए गए 15 करोड़ रुपये का खुलासा न करने का आरोप लगाया गया था।

