Tiger Shroff Firing Case: हमले के बाद सदमे में होने की खबरों पर टाइगर ने दी सफाई, बयान को बताया फर्जी
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं। 18 अक्टूबर की शाम उनकी कार पर गोलियां चलाए जाने का दावा किया गया था। अब इस मामले में अभिनेता के नाम से एक कथित बयान चर्चा में आया, जिसमें कहा गया कि वह घटना के बाद सदमे में हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि उन्हें निशाना क्यों बनाया गया। हालांकि, टाइगर श्रॉफ के प्रवक्ता ने इस बयान को गलत बताते हुए खारिज कर दिया है।
टाइगर के नाम से वायरल बयान पर प्रवक्ता की सफाई
‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अभिनेता ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। प्रवक्ता के अनुसार, टाइगर के हवाले से प्रसारित की जा रही यह खबर गलत है और इस तरह का कोई बयान जारी नहीं किया गया।
इस सफाई के बाद अभिनेता के नाम से किए जा रहे दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में टाइगर की प्रतिक्रिया बताकर प्रसारित की जा रही बातों को उनकी आधिकारिक टिप्पणी नहीं माना जाना चाहिए।
क्या दावा किया जा रहा था?
‘एनडीटीवी’ की रिपोर्ट के हवाले से खबरों में दावा किया गया था कि टाइगर श्रॉफ फायरिंग की घटना के बाद गहरे सदमे में हैं। कथित बयान में यह भी कहा गया था कि अभिनेता जानना चाहते हैं कि आखिर कोई उन्हें निशाना क्यों बनाएगा, जबकि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है।
हालांकि, अभिनेता के प्रवक्ता ने इस तरह के बयान से इनकार किया है। इसलिए इन दावों और टाइगर की वास्तविक प्रतिक्रिया के बीच अंतर करना जरूरी है।
फायरिंग मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच तेज कर दी थी। मामले की पड़ताल के लिए क्राइम ब्रांच की कई टीमें गठित किए जाने की जानकारी सामने आई। खबरों में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
यह भी बताया गया कि कथित शूटर्स को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, पुलिस द्वारा इंदौर से दो हथियार बरामद किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, मामले से जुड़े इन विवरणों की पुष्टि संबंधित पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयानों से की जानी चाहिए।
जांच के बीच अफवाहों से बचना जरूरी
टाइगर श्रॉफ के नाम से कथित बयान सामने आने और उनके प्रवक्ता की ओर से उसका खंडन किए जाने के बाद मामले में आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है। फायरिंग की घटना और गिरफ्तारियों से जुड़े तथ्यों की अंतिम स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

