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जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग, बीजेपी विधायक बोले-'हर पूजा पंडाल में दिखाई जाए फिल्म'

कोलकाता, 16 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता के जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में रविवार को 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई। नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट और पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद ने मिलकर कैंपस में फिल्म की स्क्रीनिंग का आयोजन किया। इस मौके पर आयोजक सौम्यदीप घोष और बीजेपी विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने फिल्म और उससे जुड़े इतिहास को लेकर अपनी बात रखी। आयोजकों ने कहा कि फिल्म को देखने के बाद लोगों को इतिहास के उन हिस्सों को समझने का मौका मिलेगा, जिन पर लंबे समय तक चर्चा नहीं हुई।

कोलकाता, 16 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता के जादवपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में रविवार को 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई। नेशनलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट और पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद ने मिलकर कैंपस में फिल्म की स्क्रीनिंग का आयोजन किया। इस मौके पर आयोजक सौम्यदीप घोष और बीजेपी विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने फिल्म और उससे जुड़े इतिहास को लेकर अपनी बात रखी। आयोजकों ने कहा कि फिल्म को देखने के बाद लोगों को इतिहास के उन हिस्सों को समझने का मौका मिलेगा, जिन पर लंबे समय तक चर्चा नहीं हुई।

स्क्रीनिंग के आयोजक सौम्यदीप घोष ने कहा, ''आज 'द बंगाल फाइल्स' की स्क्रीनिंग है। यह फिल्म हमारे लिए एक डॉक्यूमेंट्री की तरह है। यह दुर्भाग्य की बात है कि जहां इस फिल्म को सबसे ज्यादा देखा जाना चाहिए था, वहां इस फिल्म को बैन कर दिया गया। मैं पिछली सरकार के बारे में यह तो नहीं कहूंगा कि उन्होंने कोई काम नहीं किया, लेकिन कुछ फैसले ऐसे थे, जिन्हें सही नहीं कहा जा सकता।''

उन्होंने फिल्म को लेकर हो रही बहस पर भी अपनी राय रखी। सौम्यदीप ने कहा, ''बहुत से लोग फिल्म को प्रोपेगेंडा और कम्युनल बता रहे हैं, लेकिन समाज को बांटने के बजाय एकता पर ध्यान देना चाहिए। हमें यह समझने की जरूरत है कि हम सभी बंगाली हैं, हम सभी भारतीय हैं। जादवपुर यूनिवर्सिटी में फिल्म की स्क्रीनिंग का फैसला काफी पहले लिया जाना चाहिए था।''

सौम्यदीप ने मौजूदा बंगाल सरकार को स्क्रीनिंग में सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने बताया कि फिल्म को लेकर किसी तरह का विवाद या हंगामा न हो, इसके लिए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। कैंपस के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि स्क्रीनिंग शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।

वहीं, बीजेपी विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने 16 अगस्त की तारीख से जुड़े दो अलग-अलग घटनाक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''16 अगस्त 1980 को ईडन गार्डन्स में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच फुटबॉल मैच के दौरान भगदड़ हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी। यह बंगाल फुटबॉल के इतिहास का बड़ा दुखद अध्याय है, लेकिन इससे भी बड़ा और गंभीर अध्याय 16 अगस्त 1946 का है, जिसे इतिहास में 'डायरेक्ट एक्शन डे' के नाम से जाना जाता है।''

दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा , ''1946 की हिंसा में करीब 10 हजार लोगों की मौत हुई थी और महिलाओं के साथ भी बेहद हिंसक घटनाएं हुई थीं। पुरानी सरकारों ने इस इतिहास को दबाने की कोशिश की और इसे लोगों की यादों से दूर कर दिया गया। इस घटना को इतिहास में 'द ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स' के नाम से भी दर्ज किया गया है।''

बीजेपी विधायक ने फिल्म को लेकर अपने निजी अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''मैंने 'द बंगाल फाइल्स' को रिलीज के पहले दिन फर्स्ट शो में देखा था। फिल्म देखने के बाद मैं इतना भावुक हो गया था कि अगले दो दिनों तक किसी से बात नहीं कर पाया। मेरी लोगों से अपील है कि आने वाली दुर्गा पूजा के दौरान अलग-अलग पंडालों में फिल्म की स्क्रीनिंग होनी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इतिहास के इन घटनाक्रमों के बारे में जान सकें।''

बता दें कि 'द बंगाल फाइल्स' का निर्देशन विवेक रंजन अग्निहोत्री ने किया है। फिल्म 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे और नोआखली दंगों की पृष्ठभूमि में हिंसा और उस दौर की घटनाओं को दिखाती है। कहानी में अतीत के साथ वर्तमान बंगाल को भी जोड़ा गया है। फिल्म का एक हिस्सा सीबीआई अधिकारी शिवा पंडित की कहानी पर आधारित है, जो एक लड़की के अपहरण की जांच करते हुए धीरे-धीरे इतिहास के उन पन्नों तक पहुंचता है।

फिल्म में दर्शन कुमार, सिमरत कौर, शाश्वत चटर्जी, अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, नमाशी चक्रवर्ती और एकलव्य सूद समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म करीब साढ़े तीन घंटे की है।

--आईएएनएस

पीके/पीएम

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