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सूरज बड़जात्या: फैमिली-ड्रामा के मास्टर, जिन्होंने सिनेमा जगत को दिया 'प्रेम'

मुंबई, 21 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा जगत में ऐसे कई निर्माता-निर्देशक हुए जो खास कहानियों और कमाल के निर्देशन की वजह से दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ने में सफल रहे। ऐसे ही एक निर्माता हैं सूरज बड़जात्या, जो अपनी फिल्मों में फैमिली ड्रामा और रिश्तों के प्यार को सबसे ऊपर रखते हैं।
सूरज बड़जात्या: फैमिली-ड्रामा के मास्टर, जिन्होंने सिनेमा जगत को दिया 'प्रेम'

मुंबई, 21 फरवरी (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा जगत में ऐसे कई निर्माता-निर्देशक हुए जो खास कहानियों और कमाल के निर्देशन की वजह से दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ने में सफल रहे। ऐसे ही एक निर्माता हैं सूरज बड़जात्या, जो अपनी फिल्मों में फैमिली ड्रामा और रिश्तों के प्यार को सबसे ऊपर रखते हैं।

अपनी फिल्मों में शादी-ब्याह, हरे-भरे परिवार और साफ दिल वाले किरदारों के जरिए दर्शकों के दिल जीतने वाले बड़जात्या को 'फैमिली ड्रामा का मास्टर' भी कहा जाता है। निर्देशक का 22 फरवरी को जन्मदिन है। उनकी ज्यादातर फिल्मों में लीड एक्टर का नाम 'प्रेम' रहा, जो आज भी दर्शकों के जेहन में बसा है।

सूरज बड़जात्या ने 'मैंने प्यार किया' से अपना सफर शुरू किया और सलमान खान के साथ मिलकर 'प्रेम' नाम का किरदार रचा। इसके बाद उनकी कई फिल्मों के लीड एक्टर का नाम प्रेम रहा। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था, “'मैंने प्यार किया' के समय सलमान भाई और मैंने सोचा कि यह ऐसा लड़का है जो फैमिली बॉय है – चाची, बुआ सबके साथ हंसता-बोलता है, दिल साफ है, दुनिया की ऊंच-नीच नहीं देखी। इत्तेफाक से नाम 'प्रेम' रखा, लेकिन जो प्यार और लोकप्रियता मिली, उसमें बहुत क्रेडिट सलमान भाई का है। बाद में अन्य किरदारों में भी वही अच्छाई दिखी, तो उन्हें भी 'प्रेम' नाम दिया।”

उनकी फिल्म 'हम आपके हैं कौन' ने फैमिली वैल्यूज और शादी के रस्म-रिवाजों को इतनी खूबसूरती से दिखाया कि आज भी यह क्लासिक मानी जाती है। इसके बाद 'विवाह', 'हम साथ-साथ हैं', 'एक विवाह ऐसा भी' जैसी फिल्मों में भी शादी और परिवार ही मुख्य थीम रही। बड़जात्या की फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि रिश्तों की अहमियत, सम्मान और प्यार सिखाती हैं।

टीवी शो 'इंडियन आइडल' में हम आपके हैं कौन से जुड़ा मजेदार किस्सा सूरज बड़जात्या ने शेयर किया था। उन्होंने बताया कि उन्हें असल जिंदगी में जानवरों से बहुत डर लगता है।

उन्होंने बताया कि जानवर भी इंसानों जितने ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनके आसपास मुझे डर लगता है। 'हम आपके हैं कौन' में 'टफी' कुत्ते की दो अलग-अलग यूनिट थीं – सुबह और शाम की शूटिंग के लिए। 'हम साथ-साथ हैं' में हाथी वाले सीन के दौरान मैं दूरी बनाकर खड़ा रहा, कलाकारों के पास जाने से घबराता था।

बता दें कि सूरज बड़जात्या ने फिल्मी सफर की शुरुआत महेश भट्ट के सहायक निर्देशक के रूप में की थी। उन्होंने 1989 में अपनी पहली फिल्म 'मैंने प्यार किया' से निर्देशन शुरू किया, जो उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली रोमांटिक ड्रामा फिल्म बनी। उनकी अगली बड़ी फिल्म 'हम आपके हैं कौन' ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। इसके बाद 'हम साथ-साथ हैं', 'विवाह' और 'प्रेम रतन धन पायो' जैसी फिल्मों से उन्हें बड़ी व्यावसायिक सफलता मिली। साल 2022 में आई फिल्म 'ऊंचाई' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

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