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'वीरा राजा वीरा' विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, एआर रहमान बोले- गाने में जूनियर डागर ब्रदर्स को मिलेगा क्रेडिट

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। मशहूर संगीतकार एआर रहमान पर तमिल फिल्म 'पोन्नियिन सेलवन 2' के लोकप्रिय गीत 'वीरा राजा वीरा' से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। एआर रहमान ने शुक्रवार को अदालत को बताया कि इस गाने को वह भारतीय शास्त्रीय संगीत की पारंपरिक रचना 'शिव स्तुति' से प्रेरित मानते हुए क्लासिकल सिंगर उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर को श्रेय देने के लिए तैयार हैं।
'वीरा राजा वीरा' विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, एआर रहमान बोले- गाने में जूनियर डागर ब्रदर्स को मिलेगा क्रेडिट

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। मशहूर संगीतकार एआर रहमान पर तमिल फिल्म 'पोन्नियिन सेलवन 2' के लोकप्रिय गीत 'वीरा राजा वीरा' से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। एआर रहमान ने शुक्रवार को अदालत को बताया कि इस गाने को वह भारतीय शास्त्रीय संगीत की पारंपरिक रचना 'शिव स्तुति' से प्रेरित मानते हुए क्लासिकल सिंगर उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर को श्रेय देने के लिए तैयार हैं।

रहमान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि संगीतकार ने यह सहमति दी है कि गीत के क्रेडिट में दिवंगत उस्ताद एन. फैयाजुद्दीन डागर और उस्ताद एन. जाहिरुद्दीन डागर, जिन्हें जूनियर डागर ब्रदर्स के नाम से जाना जाता है, उनके प्रदर्शन का उल्लेख किया जाएगा।

इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली शामिल थे, ने की। अदालत ने रहमान की ओर से दी गई इस सहमति को रिकॉर्ड में लेते हुए आदेश दिया कि गाने के क्रेडिट में किया गया बदलाव सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर पांच हफ्तों के भीतर दिखना चाहिए।

अदालत ने साफ किया कि यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा सिविल मुकदमा अपने तथ्यों और कानून के आधार पर ही आगे बढ़ेगा। इस आदेश का उस मुकदमे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इस आदेश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने वह स्पेशल लीव पिटीशन (एसएलपी) भी निपटा दी, जो शास्त्रीय गायक उस्ताद फैयाज वसीफुद्दीन डागर ने दायर की थी। इस याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें पहले दिए गए एकल न्यायाधीश के अंतरिम प्रतिबंध को हटा दिया गया था।

बता दें कि इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने डागरवाणी परंपरा को लेकर बेहद अहम टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि भारतीय शास्त्रीय संगीत में डागरवाणी का योगदान अतुलनीय है, और ऐसे मामलों में लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय आपसी सम्मान और स्वीकार्यता का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।

--आईएएनएस

पीके/डीकेपी

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