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सोहेल खान ने बचपन के यौन उत्पीड़न पर की बात, वीडियो में बोले- 'सालों तक अंदर दबाए रखा, शर्म महसूस होती थी लेकिन मेरी गलती नहीं थी'

सोहेल खान ने बचपन के यौन उत्पीड़न पर की बात, वीडियो में बोले- 'सालों तक अंदर दबाए रखा, शर्म महसूस होती थी लेकिन मेरी गलती नहीं थी'

अभिनेता और सलमान खान के छोटे भाई सोहेल खान ने हाल ही में अपने बचपन से जुड़ा एक संवेदनशील अनुभव साझा किया है। रियलिटी शो 'अलायंस' में बातचीत के दौरान सोहेल खान ने बताया कि बचपन में वह यौन उत्पीड़न का शिकार हुए थे, लेकिन उन्होंने इस घटना के बारे में कई सालों तक किसी से बात नहीं की।

शो में सोहेल खान की टीम इस सप्ताह लीडरबोर्ड में टॉप पर रही। जीत के बाद जश्न और बातचीत के दौरान उन्होंने दूसरे कंटेस्टेंट अर्सलान गोनी, रुही दोसानी और अली गोनी के साथ अपने जीवन के इस मुश्किल दौर को साझा किया।

"सालों तक इस बात को अपने अंदर दबाए रखा"

रैगिंग और मानसिक दबाव जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हुए सोहेल खान ने अपने बचपन की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह छोटे थे, तब किसी ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।सोहेल ने बताया कि उन्होंने इस घटना को लंबे समय तक अपने अंदर छिपाकर रखा। उस समय उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इस बारे में किससे बात करें।उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें इस घटना के बारे में बताने में शर्म महसूस होती थी, जबकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी।

पिता को बताने पर मिला था भावनात्मक समर्थन

सोहेल खान ने बताया कि बड़े होने के बाद उन्होंने अपने पिता को इस घटना के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उनसे पूछा था कि उन्होंने इतने सालों तक यह बात अपने अंदर क्यों दबाकर रखी। सोहेल के मुताबिक, उनके पिता की प्रतिक्रिया ने उन्हें यह एहसास कराया कि उन्हें इस दर्द को अकेले नहीं सहना चाहिए था।

रैगिंग और उत्पीड़न के खिलाफ रखी बात

सोहेल खान ने यह अनुभव रैगिंग और उत्पीड़न के खिलाफ बातचीत के दौरान साझा किया। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और किसी भी तरह के डर या शर्म के कारण इसे छिपाना नहीं चाहिए।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पीड़ित व्यक्ति की इसमें कोई गलती नहीं होती और समय पर परिवार या भरोसेमंद लोगों से बात करना जरूरी है।

निजी अनुभव साझा कर दिया संदेश

सोहेल खान का यह खुलासा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। लोगों ने उनकी हिम्मत की सराहना की कि उन्होंने अपने निजी और दर्दनाक अनुभव को सार्वजनिक रूप से साझा किया। उन्होंने अपने अनुभव के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि बचपन में हुए किसी भी तरह के शोषण को छिपाने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और पीड़ितों को समर्थन मिलना चाहिए।

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