'सलमान खान डायलॉग या सीन की प्रैक्टिस नहीं करते', चित्रांगदा सिंह ने बताया 'बैटल ऑफ गलवान' के सेट का अनुभव
मुंबई, 12 जनवरी (आईएएनएस)। अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ सलमान खान भी लीड रोल में हैं। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में चित्रांगदा ने फिल्म में काम करने के अनुभव के बारे में बताया। उन्होंने सलमान के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके पास अनुभव का विशाल भंडार है। उनका काम दर्शकों पर गहरा असर छोड़ता है।
आईएएनएस से बात करते हुए चित्रांगदा ने कहा, ''सलमान खान परंपरागत तरीके से तैयारी करने वाले अभिनेता नहीं हैं। वह डायलॉग या सीन की प्रैक्टिस नहीं करते, बल्कि उनका अभिनय स्वाभाविक होता है। वह धीरे-धीरे किरदार की मानसिकता और भावनाओं को समझते हैं, और दर्शकों को यह पता ही नहीं चलता कि उन्होंने इसके लिए कितनी मेहनत की।''
चित्रांगदा ने कहा, ''सलमान का यह तरीका उन्हें ऑन-स्क्रीन हमेशा नया और दिलचस्प बनाता है। उनका अभिनय कभी भी उबाऊ नहीं लगता, क्योंकि वह हर सीन और भाव को सीधे या अनुमानित तरीके से नहीं निभाते, बल्कि अपने अलग अंदाज में पेश करते हैं।''
उन्होंने कहा, ''सलमान का सहज और प्राकृतिक होना काम करने वालों के लिए प्रेरणादायक है। वह अपने सह-कलाकारों के साथ हमेशा ताजगी और ऊर्जा के साथ काम करते हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए एक मजेदार और सीखने वाला अनुभव रहा। उन्होंने मुझे यह महसूस कराया कि अनुभव और सहजता का सही मेल किसी भी कलाकार को महान बना सकता है।''
बात करें अगर फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' की, तो इसकी कहानी 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई झड़प पर आधारित है। 15 जून को नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों को जानमाल का नुकसान हुआ। सीमा के पास फायरआर्म्स का इस्तेमाल न करने के समझौते के कारण, सैनिकों ने लाठियों और पत्थरों का इस्तेमाल करते हुए लड़ाई लड़ी थी।
फिल्म में सलमान कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका में नजर आएंगे, जिन्होंने असाधारण साहस के साथ 16 बिहार रेजिमेंट का नेतृत्व किया और मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित हुए थे।
'बैटल ऑफ गलवान' फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
--आईएएनएस
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