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रोहित शेट्टी फायरिंग मामला : हमले से पहले बिश्नोई गैंग ने की थी रेकी, स्कूटर से की गई निगरानी

मुंबई, 3 फरवरी (आईएएनएस)। निर्देशक और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने पाया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आरोपियों ने हमले से पहले रोहित शेट्टी के घर और आसपास के इलाके की कई दिनों तक रेकी की थी।
रोहित शेट्टी फायरिंग मामला : हमले से पहले बिश्नोई गैंग ने की थी रेकी, स्कूटर से की गई निगरानी

मुंबई, 3 फरवरी (आईएएनएस)। निर्देशक और प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने पाया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आरोपियों ने हमले से पहले रोहित शेट्टी के घर और आसपास के इलाके की कई दिनों तक रेकी की थी।

जांच में सामने आया कि रेकी उसी स्कूटर से की गई थी, जिसका इस्तेमाल फायरिंग के दौरान भागने के लिए किया गया। अज्ञात शूटर ने पांच राउंड फायरिंग की और उसी स्कूटर पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। वह विले पार्ले रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां स्कूटर छोड़कर ट्रेन से मुंबई से बाहर निकल गया।

पुलिस के अनुसार, अपराध में इस्तेमाल स्कूटर पुणे से 30 हजार रुपए में खरीदा गया था। स्कूटर मूल रूप से आनंद मारोटे के नाम पर रजिस्टर्ड था, जिसने इसे 6 अगस्त 2009 को खरीदा था। घटना से करीब 12 दिन पहले मारोटे ने स्कूटर गिरफ्तार आरोपी आदित्य गायकवाड़ को 30 हजार रुपए में बेच दिया। पैसे कथित मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने दिए थे।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी समर्थ पोमाजी के निर्देश पर सिद्धार्थ येनपुरे और स्वप्नील सकट ने स्कूटर को सड़क मार्ग से पुणे से लोनावाला लाने की कोशिश की, ताकि इसे शूटर को सौंपा जा सके। हालांकि शूटर लोनावाला नहीं पहुंच सका, इसलिए आरोपियों ने घटना से लगभग 10 दिन पहले स्कूटर मुंबई पहुंचाकर अज्ञात शूटर को सौंप दिया। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे दिए गए। पुलिस ने बताया कि मुंबई में स्कूटर पहुंचाने वाले आरोपियों को पता था कि यह आपराधिक साजिश का हिस्सा है, लेकिन उन्हें नहीं मालूम था कि टारगेट रोहित शेट्टी का घर है। जांच में यह भी सामने आया कि समर्थ पोमाजी ने मुख्य शूटर की सक्रिय मदद की। शुभम लोनकर के निर्देश पर समर्थ ने गायकवाड़ की मदद से स्कूटर का इंतजाम किया और अपराध में अहम भूमिका निभाई।

समर्थ लगातार शुभम लोनकर के संपर्क में था और सिग्नल ऐप के जरिए उससे नियमित बात करता था। शुभम के निर्देशों पर काम करते हुए समर्थ ने कथित तौर पर फायरिंग की पूरी योजना बनाई। पुलिस ने चार आरोपियों आदित्य गायकवाड़, सिद्धार्थ येनपुरे, समर्थ पोमाजी और स्वप्नील सकट को गिरफ्तार किया है। जांच जारी है और मास्टरमाइंड शुभम लोनकर की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

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