इंदौर में आज से मंचित होगा ‘राधा से रणभूमि तक’, मनोज मुंतशिर दिखाएंगे श्रीकृष्ण की अनकही यात्रा
गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का बहुचर्चित नाट्य शो ‘राधा से रणभूमि तक’ आज यानी 22 अगस्त से इंदौर में दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। यह शो 22 और 23 अगस्त को लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में मंचित होगा। शो में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके मनोविज्ञान, प्रेम, संघर्ष और महाभारत से जुड़े उन पहलुओं को नाटकीय अंदाज में प्रस्तुत किया गया है, जिन्हें आमतौर पर मंच या पर्दे पर कम ही देखने को मिलता है।
इस नाट्य प्रस्तुति का निर्माण नीलम मुंतशिर और विक्रम मेहरा ने किया है, जबकि इसका निर्देशन पुनीत जे. पाठक ने किया है। शो की कहानी श्रीकृष्ण की यात्रा को केंद्र में रखती है, जिसमें राधा-कृष्ण के प्रेम से लेकर कुरुक्षेत्र की रणभूमि तक उनके जीवन के अलग-अलग पड़ावों को भावनात्मक और मनोरंजक तरीके से दिखाया गया है।
दो साल तक किया अध्ययन
दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मनोज मुंतशिर ने बताया कि इस शो को तैयार करने के लिए उन्होंने करीब दो साल तक अध्ययन और लेखन किया। इस दौरान उन्होंने श्रीकृष्ण से संबंधित 50 से अधिक किताबों का अध्ययन किया। उनका उद्देश्य केवल कृष्ण की पारंपरिक कथा को दोहराना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और मनोविज्ञान को एक अलग नजरिए से दर्शकों के सामने रखना था।
मनोज मुंतशिर के मुताबिक, शो में कृष्ण के जीवन की ऐसी यात्रा दिखाने की कोशिश की गई है, जिसे दर्शकों ने इससे पहले किसी मंच, फिल्म या टेलीविजन पर नहीं देखा होगा। प्रस्तुति में भावनात्मक दृश्यों के साथ-साथ ऐसे क्षण भी रखे गए हैं, जो दर्शकों को उत्साहित करते हैं।
राधा-कृष्ण के प्रेम से रणभूमि तक
‘राधा से रणभूमि तक’ में श्रीकृष्ण के जीवन के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया गया है। राधा और कृष्ण के अटूट प्रेम को जहां भावनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है, वहीं महाभारत के युद्ध से जुड़े प्रसंगों के जरिए कृष्ण के दूसरे रूप को दिखाया गया है।
शो में राधा-कृष्ण की अंतिम मुलाकात, गांधारी का श्राप और कृष्ण की मृत्यु जैसे प्रसंगों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा द्रौपदी के चीरहरण और भगवद्गीता के संदेश को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया है।
मनोज मुंतशिर ने बताया कि शो के दौरान कुछ ऐसे भावुक क्षण आते हैं, जहां दर्शकों की आंखों में आंसू आ जाते हैं। वहीं कई ऐसे दृश्य भी हैं, जिन पर दर्शक अपनी सीट से उठकर झूमने लगते हैं। यही भावनात्मक उतार-चढ़ाव इस प्रस्तुति को अलग बनाता है।
जेन-जी के लिए भी कृष्ण का संदेश
शो का एक महत्वपूर्ण पहलू आज की जेन-जी पीढ़ी के लिए श्रीकृष्ण के संदेशों को सामने रखना है। मनोज मुंतशिर का मानना है कि कृष्ण केवल धार्मिक या ऐतिहासिक पात्र नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
‘राधा से रणभूमि तक’ को इस तरह तैयार किया गया है कि युवा दर्शक भी कृष्ण के व्यक्तित्व और उनके संदेशों से जुड़ सकें। इसमें प्रेम, रिश्ते, जिम्मेदारी, संघर्ष, निर्णय और जीवन में सही रास्ते के चुनाव जैसे विषयों को कृष्ण के दृष्टिकोण से समझाने का प्रयास किया गया है।
पूरे परिवार के लिए खास अनुभव
मनोज मुंतशिर के अनुसार, यह शो केवल धार्मिक प्रस्तुति नहीं है, बल्कि पूरे परिवार के लिए मनोरंजन और भावनाओं से भरपूर अनुभव देने की कोशिश है। इसमें संगीत, अभिनय, निर्देशन और कहानी के जरिए कृष्ण की यात्रा को जीवंत बनाया गया है।
22 और 23 अगस्त को इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में होने वाली इस प्रस्तुति को लेकर दर्शकों में भी उत्सुकता है। श्रीकृष्ण के जीवन के अनकहे पहलुओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंगों को एक साथ मंच पर देखने का मौका दर्शकों के लिए खास अनुभव साबित हो सकता है।

