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'Toxic' के खिलाफ प्रोपेगेंडा! यश की मां पुष्पा का छलका दर्द, बोलीं- 'बेटे को जानबूझकर किया जा रहा टारगेट'

'Toxic' के खिलाफ प्रोपेगेंडा! यश की मां पुष्पा का छलका दर्द, बोलीं- 'बेटे को जानबूझकर किया जा रहा टारगेट'

 

यश की फिल्म ‘Toxic’ रिलीज होने के बाद से ही लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को लेकर जहां दर्शकों और क्रिटिक्स की तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं बॉक्स ऑफिस पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। इसी बीच यश की मां पुष्पा अरुण कुमार ने अपने बेटे के समर्थन में खुलकर बात की है।

यश की मां का कहना है कि उनके बेटे के खिलाफ जानबूझकर नकारात्मक माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ‘KGF’ से पहले भी यश कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बना चुके थे।

‘यश कोई आतंकवादी नहीं हैं’, मां ने क्यों कही ये बात?

एक बातचीत के दौरान पुष्पा अरुण कुमार ने अपने बेटे के करियर पर बात करते हुए कहा कि यश ‘KGF’ से पहले भी कर्नाटक में एक सफल अभिनेता थे। उन्होंने कई फिल्मों में काम किया था और दर्शकों के बीच उनकी अच्छी पहचान थी।

उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार यह पूछने की जरूरत क्यों पड़ती है कि ‘KGF’ से पहले यश कौन थे? उनके मुताबिक, 2018 में ‘KGF’ के रिलीज होने से पहले ही यश कन्नड़ सिनेमा में करीब एक दशक का सफर पूरा कर चुके थे।

पुष्पा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके बेटे के करियर को नुकसान पहुंचाने और ‘Toxic’ के खिलाफ नकारात्मक प्रचार करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि दर्शकों का प्यार यश के साथ बना रहा तो कोई भी उनके बेटे की तरक्की को रोक नहीं सकता।

साधारण परिवार से आते हैं यश

यश की मां ने उनके परिवार की पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनका परिवार फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं आता। यश के पिता अरुण कुमार राज्य परिवहन सेवा में बस ड्राइवर के तौर पर काम कर चुके हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।

यश ने भी अपने करियर की शुरुआत सीधे फिल्मों से नहीं की थी। उन्होंने टेलीविजन और थिएटर के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे कन्नड़ सिनेमा में अपनी जगह बनाई।

‘गूगली’, ‘ड्रामा’, ‘गजकेसरी’, ‘मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी’ और ‘संतु स्ट्रेट फॉरवर्ड’ जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा में एक मजबूत पहचान दिलाई। इसके बाद ‘KGF’ ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई और वह ग्लोबल स्टार के तौर पर पहचाने जाने लगे।

अल्लू अरविंद के पुराने बयान पर भी आया जवाब

यश की मां का बयान फिल्म निर्माता अल्लू अरविंद के पुराने कमेंट के बाद भी चर्चा में है। कुछ साल पहले एक बातचीत में अल्लू अरविंद से स्टार्स की फीस और फिल्मों के बढ़ते बजट को लेकर सवाल किया गया था।

इसी दौरान उन्होंने यश का उदाहरण देते हुए कहा था कि ‘KGF’ से पहले यश को कितने लोग जानते थे। उनके मुताबिक, फिल्म की सफलता में यश के स्टारडम से ज्यादा उसकी भव्यता, शानदार मेकिंग और विजुअल स्केल का योगदान था।

उन्होंने यह भी कहा था कि उस स्तर की फिल्म में कोई दूसरा अभिनेता होता, तब भी फिल्म का प्रदर्शन अच्छा हो सकता था।

यश ने भी दिया था बयान

यश से जब अल्लू अरविंद के इस बयान को लेकर सवाल किया गया था, तो उन्होंने सिनेमा में पूरी टीम के योगदान की बात कही थी।

अभिनेता के मुताबिक, किसी फिल्म को बनाने में सिर्फ एक्टर ही नहीं बल्कि लेखक, निर्देशक, तकनीशियन और दूसरे कलाकार भी मेहनत करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि अगर अभिनेता अपनी भूमिका को सही तरीके से नहीं निभा पाता तो फिल्म की सफलता प्रभावित हो सकती है।

यश ने दर्शकों को लेकर कहा था कि उन्हें लगता है कि दर्शक कभी गलत नहीं होते। उनके मुताबिक, दर्शक फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति के योगदान को समझते हैं और उसी के आधार पर अपना फैसला देते हैं।

‘Toxic’ के बॉक्स ऑफिस पर दिखा उतार-चढ़ाव

गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी ‘Toxic’ को बड़े बजट की फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म ने रिलीज के पहले दिन शानदार शुरुआत की थी, लेकिन शुरुआती दिनों के बाद इसकी कमाई में गिरावट देखने को मिली।

फिल्म की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर इसके कंटेंट, कहानी और मेकिंग को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कुछ दर्शकों ने फिल्म की तारीफ की, वहीं कई लोगों ने इसकी आलोचना भी की।

इसी बीच यश की मां का बयान सामने आने के बाद ‘Toxic’ और अभिनेता को लेकर चल रही चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।

ऐसे शुरू हुआ था यश का एक्टिंग करियर

यश का जन्म कर्नाटक के हासन जिले में हुआ था। बचपन से ही उन्हें अभिनय और डांस में दिलचस्पी थी। स्कूल के दिनों में वह थिएटर और डांस से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लेते थे।

एक समय यश ने एक्टिंग को करियर बनाने का फैसला किया। शुरुआत में उनके परिवार को इस फैसले को लेकर चिंता थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए बेंगलुरु का रुख किया।

उन्होंने थिएटर ग्रुप के साथ काम किया और बैकस्टेज से अपने सफर की शुरुआत की। इसके बाद उन्हें टेलीविजन सीरियल में अभिनय करने का मौका मिला। यहीं से उनकी एक्टिंग की दुनिया में औपचारिक शुरुआत हुई।

बाद में फिल्मों में लगातार काम करते हुए उन्होंने अपनी पहचान बनाई और ‘KGF’ के जरिए उनका नाम भारतीय सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल हो गया।

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