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प्रख्यात रचनाकार प्रसून जोशी को मिलेगा पहला 'एनबीटी भूषण सम्मान'

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। नवभारत टाइम्स (एनबीटी) दिल्ली अपने वार्षिक आयोजन एनबीटी उत्सव 2026' में एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए पहली बार 'एनबीटी भूषण सम्मान' प्रदान करेगा। इस प्रतिष्ठित सम्मान कs पहला प्राप्तकर्ता होंगे देश के प्रख्यात गीतकार, शायर, लेखक और विज्ञापन जगत की अग्रणी हस्ती प्रसून जोशी।

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। नवभारत टाइम्स (एनबीटी) दिल्ली अपने वार्षिक आयोजन एनबीटी उत्सव 2026' में एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए पहली बार 'एनबीटी भूषण सम्मान' प्रदान करेगा। इस प्रतिष्ठित सम्मान कs पहला प्राप्तकर्ता होंगे देश के प्रख्यात गीतकार, शायर, लेखक और विज्ञापन जगत की अग्रणी हस्ती प्रसून जोशी।

यह सम्मान उन्हें साहित्य, संस्कृति, सृजन और जनसंचार के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक, बहुआयामी और प्रभावशाली योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। 4 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाले 'एनबीटी उत्सव 2026' में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रसून जोशी को 'एनबीटी भूषण सम्मान' से सम्मानित करेंगे।

प्रसून जोशी उन विरले रचनाकारों में हैं, जिन्होंने शब्दों को केवल गीतों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें संवेदना, उम्मीद और परिवर्तन की आवाज बनाया। 'रंग दे बसंती', 'तारे जमीन पर', 'भाग मिल्खा भाग' और 'नीरजा' जैसी फिल्मों के उनके गीतों ने पीढ़ियों के दिलों को छुआ है। उनकी रचनाओं में सपनों की उड़ान, राष्ट्रभावना और मानवीय रिश्तों की गहराई समान रूप से दिखाई देती है, जिसने उन्हें करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बना दिया है।

फिल्मों के अलावा साहित्य और विज्ञापन की दुनिया में भी प्रसून जोशी ने अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उनकी कविताओं और लेखन में गहरी संवेदनशीलता है, जबकि उनके विज्ञापन अभियानों में सादगी, रचनात्मकता और आमजन से संवाद स्थापित करने की अ‌द्भुत क्षमता दिखाई देती है। शब्दों पर उनकी असाधारण पकड़ और अभिव्यक्ति की नवीन शैली ने उन्हें समकालीन भारत के सबसे प्रभावशाली रचनाकारों में शामिल किया है।

नवभारत टाइम्स दिल्ली का मानना है कि प्रसून जोशी की रचनात्मक यात्रा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसी भावना के साथ 'एनबीटी भूषण सम्मान' की शुरुआत उनके सम्मान से की जा रही है। यह सम्मान उन असाधारण व्यक्तित्वों को समर्पित होगा जिन्होंने अपने कार्य और सृजन से भारतीय समाज, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन को समृद्ध किया है।

--आईएएनएस

ओपी/एएस

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