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पवन कल्याण की पत्नी अन्ना कोनिडेला ने चिरंजीवी को बताया परिवार का गाइड, शेयर की खास तस्वीर

मुंबई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। साउथ सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी कोनिडेला शनिवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर उनके छोटे भाई पवन कल्याण की पत्नी अन्ना कोनिडेला ने सोशल मीडिया के जरिए बधाई दी। साथ ही, चिरंजीवी को एक समझदार और जिम्मेदार नागरिक बताया।

मुंबई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। साउथ सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी कोनिडेला शनिवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर उनके छोटे भाई पवन कल्याण की पत्नी अन्ना कोनिडेला ने सोशल मीडिया के जरिए बधाई दी। साथ ही, चिरंजीवी को एक समझदार और जिम्मेदार नागरिक बताया।

अन्ना कोनिडेला ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे पवन कल्याण और मेगास्टार चिरंजीवी के साथ नजर आ रही हैं। अन्ना कोनिडेला ने अपनी इस पोस्ट के जरिए बताया कि चिरंजीवी उनके परिवार के ऐसे व्यक्ति हैं, जिनसे पास परिवार के सभी व्यक्ति सलाह लेते हैं और मन की बातें शेयर करते हैं।

उन्होंने लिखा, "वह समझदारी, देखभाल, प्यार और जिम्मेदारी के प्रतीक हैं। वह ऐसे इंसान हैं जिनसे हम प्रेरणा लेते हैं, सलाह लेते हैं और अपनी चिंताएं शेयर करते हैं। जन्मदिन मुबारक हो, चिरंजीवी कोनिडेला।"

बता दें कि चिरंजीवी कोनिडेला पवन कल्याण के बड़े भाई हैं। दरअसल, ये तीन भाई हैं, चिरंजीवी, पवन कल्याण और नागेंद्र बाबू।

पवन कल्याण अपने बड़े भाई चिरंजीवी को बेहद सम्मान देते हैं और उन्हें पिता या भगवान की तरह मानते हैं। दोनों ने तेलुगु सिनेमा में बहुत नाम कमाया है और राजनीति में भी एक-दूसरे का साथ दिया है। राम चरण (प्रसिद्ध अभिनेता) चिरंजीवी के बेटे और पवन कल्याण के भतीजे हैं।

चिरंजीवी कोनिडेला की बात करें, तो उन्हें तेलुगु सिनेमा का 'मेगास्टार' कहा जाता है। उन्होंने अपने शानदार अभिनय और नृत्य से चार दशकों से अधिक समय तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है। भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2024 में देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

चिरंजीवी ने बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के अभिनय की दुनिया में कदम रखा और अपनी मेहनत से 'मेगास्टार' बने। उनके पिता वेंकट राव एक पुलिस कांस्टेबल थे।

चिरंजीवी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1978 में फिल्म 'प्राणाम खारीदु' से की थी। शुरुआत में उन्होंने सहायक और खलनायक (निगेटिव) भूमिकाएं निभाईं। फिल्म 'मना पूरी पंडावुलू' से उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान मिली।

1983 में, उन्होंने कैदी नाम की फिल्म में काम किया था, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह ब्लॉकबस्टर हिट रही और रातों-रात उन्हें तेलुगु सिनेमा का सुपरस्टार बना दिया। इस दौरान, उन्होंने 'गैंग लीडर', 'घरणा मोगुडू', 'चैलेंज', 'कोंडवीटी डोंगा' और 'इन्द्र' जैसी कई रिकॉर्ड-तोड़ और सुपरहिट फिल्में दीं। उन्होंने 'प्रतिबंध' (1990) और 'आज का गुंडा राज' जैसी हिंदी फिल्मों में भी काम किया और उत्तर भारत में भी अपनी पहचान बनाई।

--आईएएनएस

एनएस/डीएससी

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