Samachar Nama
×

पेपर लीक पर मुकेश खन्ना का सवाल-'शिक्षा मंत्री शामिल नहीं तो उन्हें जिम्मेदार क्यों ठहराया जाए?'

मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर छात्रों के प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर दी प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में जंतर-मंतर और झारखंड में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

मुंबई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर छात्रों के प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर दी प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने आईएएनएस से खास बातचीत में जंतर-मंतर और झारखंड में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी राय रखी है।

मुकेश खन्ना ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की नाराजगी अपनी जगह सही है लेकिन उनका सवाल यह है कि जब पेपर लीक कराने में शिक्षा मंत्री या प्रधानमंत्री सीधे तौर पर शामिल नहीं हैं, तो प्रदर्शन का निशाना उन्हें क्यों बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शन के पीछे बाद में दूसरे लोगों और बाहरी ताकतों का दखल हो गया।

आईएएनएस से बात करते हुए मुकेश खन्ना ने कहा, ''आज की पीढ़ी, जिसे जेन जी कहा जाता है, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रही है लेकिन इस मांग की वजह पढ़ाई के तरीके या शिक्षा का कंटेंट नहीं बल्कि लगातार सामने आने वाले पेपर लीक के मामले हैं। छात्रों का असली सवाल यह है कि अगर वे मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं और पेपर ही लीक हो जाता है, तो उनके भविष्य का क्या होगा। यह छात्रों की जायज चिंता है।''

अभिनेता ने अपने कॉलेज के दिनों का जिक्र करते हुए कहा, ''पेपर लीक कोई आज की समस्या नहीं है। करीब 40 साल पहले जब मैं कॉलेज में था, तब भी पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आती थीं। समय बदल गया है लेकिन यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। इसलिए मेरा भी मानना है कि पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें न तो शिक्षा मंत्री शामिल हैं और न ही प्रधानमंत्री, तो सवाल यह है कि छात्रों का गुस्सा उन तक क्यों पहुंचा।''

मुकेश खन्ना ने प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ''अगर प्रदर्शन की तस्वीरों और वीडियो को देखा जाए तो कुछ जगहों पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प नजर आती है। इस दौरान 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। शुरुआत में मुझे लगा था कि कुछ छात्रों ने गुस्से में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया लेकिन बाद में एहसास हुआ कि शायद कुछ बच्चों को बाहरी ताकतों द्वारा ऐसा करने के लिए उकसाया गया था।''

उन्होंने कहा, ''इस पूरे प्रदर्शन का मूल मुद्दा पेपर लीक था लेकिन धीरे-धीरे इसका राजनीतिक रंग बदल गया। सवाल यह होना चाहिए था कि पेपर लीक क्यों हो रहे हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कैसे हो लेकिन प्रदर्शन का एक हिस्सा इस तरफ मुड़ गया कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के रहते देश में कुछ नहीं हो सकता।''

--आईएएनएस

पीके/पीएम

Share this story