नाना पाटेकर का हर डायलॉग है मास्टरपीस: जानिए उनके 10 सबसे यादगार और ब्लॉकबस्टर डायलॉग्स की लिस्ट
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। बॉलीवुड के कई सितारे सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।इसी बीच अभिनेता परेश रावल का करीब एक हफ्ते पुराना सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में आ गया है। परेश रावल ने नाना पाटेकर का जिक्र करते हुए उनके एक बेहद मशहूर फिल्मी डायलॉग को याद किया था। अब नाना के निधन के बाद उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
परेश रावल ने नाना के डायलॉग को किया था याद
नाना पाटेकर के निधन से ठीक एक हफ्ते पहले परेश रावल ने एक्स पर पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने नाना के चर्चित डायलॉग का जिक्र करते हुए लिखा था कि उन्हें नाना पाटेकर का मशहूर डायलॉग याद आ रहा है—“एक मच्छर आदमी को…”नाना पाटेकर अपने दमदार अभिनय के साथ-साथ अपनी प्रभावशाली संवाद अदायगी के लिए भी जाने जाते थे। उनकी फिल्मों के कई डायलॉग आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
नाना पाटेकर के 10 यादगार डायलॉग
1. परिंदा (1989)
“ये दुख नाम की बीमारी का इलाज किसी डॉक्टर के पास भी नहीं है। इसका इलाज खुद ढूंढना पड़ता है। दुख को भूलना पड़ता है।”
2. गुलाम-ए-मुस्तफा (1997)
“जान मत मांगना... इसकी बाजार में कोई कीमत नहीं।”
3. तिरंगा (1992)
“तुझे ऐसी मौत मारूंगा कि तेरी पापी आत्मा अगले सात जन्म तक किसी दूसरे शरीर में घुसने से पहले कांप उठेगी।”
4. तिरंगा (1992)
“ये तो लाल मिर्च है, तीखी-तीखी... हाथ लगाओ तो हाथ जले, मुंह लगाओ तो मुंह जले, दिल लगाओ तो दिल जले।”
5. क्रांतिवीर (1994)
“ये मुसलमान का खून, ये हिंदू का खून... बता इसमें मुसलमान का कौन सा और हिंदू का कौन सा?”
6. क्रांतिवीर (1994)
“आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने... अब मुझे लटका देंगे, मेरी जुबान और आंखें बाहर आ जाएंगी...”
7. क्रांतिवीर (1994)
“तुम्हारे नापाक कदम आगे मत बढ़ाओ, तोड़कर तुम्हारे गले में पहना देंगे।”
8. तिरंगा (1992)
“अपना तो उसूल है, पहले लात, फिर बात, उसके बाद मुलाकात।”
9. यशवंत (1996)
“गिरो सालो गिरो, लेकिन गिरो तो उस झरने की तरह, जो पर्वत की ऊंचाई से गिरकर भी अपनी सुंदरता खोने नहीं देता।”
10. गुलाम-ए-मुस्तफा (1997)
“मैं तो लावारिस था, लेकिन मेरे मरने के बाद मेरी लाश लावारिस नहीं होगी।”
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके ये डायलॉग एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। फैंस और साथी कलाकार उनके अभिनय, आवाज और दमदार संवाद अदायगी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

