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नाना पाटेकर के निधन पर डॉ. मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने जताया दुख

मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। हेल्थ गुरु और नाना पाटेकर के दोस्त डॉ. मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने आईएएनएस के साथ बातचीत में नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया। साथ ही, उनके साथ अपने रिश्ते पर भी बात की।

मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। हेल्थ गुरु और नाना पाटेकर के दोस्त डॉ. मिकी मेहता और वकील ओंकार शिरसागर ने आईएएनएस के साथ बातचीत में नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया। साथ ही, उनके साथ अपने रिश्ते पर भी बात की।

हेल्थ गुरु और नाना पाटेकर के दोस्त डॉ. मिकी मेहता ने कहा, "वे बहुत ही अच्छे कलाकार, कमाल के विलेन, सपोर्टिंग एक्टर और ग्रेट कॉमेडियन थे। जैसा कि हमने उन्हें फिल्म वेलकम में देखा था। हम एक दूसरे को अच्छे से जानते थे। वे बचपन में हमारे एरिया में रहते थे। हालांकि, हमारी दोस्ती बचपन में नहीं हुई थी बल्कि जब वे मैडम अमृता फडवीस के फाउंडेशन के प्रोग्राम में चीफ गेस्ट के तौर पर आए थे। उस दौरान उन्हें लाने के लिए मुझे ड्यूटी दी गई थी, तब मैं उन्हें लाने के लिए उनके घर पर गया था। उस दौरान हमारी मजेदार बातचीत हुई थी। इसके बाद मैं उनसे दुबई में मिला था। वहां मैं अपने काम से गया था और वे फिल्म वेलकम की शूटिंग कर रहे थे।"

उन्होंने कहा, "वहां जिम में वर्कआउट करते समय हमारी बातें हुई हैं और तीसरी बार हम एक इवेंट में मिले थे। तीन बार हम मिले हैं और ऐसे में हमारा अच्छा बॉन्ड बना था। हालांकि, उनके कई किस्से मैंने अपने दोस्तों से सुने थे।"

वकील ओंकार शिरसागर ने नाना पाटेकर के साथ अपने रिश्ते के बारे में बताया और उनके सरल स्वभाव को याद किया। उन्होंने कहा, "मैं नाना पाटेकर के घर के पास बहुत समय से रह रहा हूं। वे सभी के साथ घुल-मिलकर रहते थे। यहां लोगों के घरों में किसी भी तरह की दिक्कत आए, तो वे सुलझाने की कोशिश करते थे। गणपति उनके घर में भव्य तरीके से मनाया जाता था। यहां पर हर घर में मातम पसरा हुआ है क्योंकि वे हर किसी के साथ घुल-मिलकर रहते थे। वे इधर ही ज्यादा रहा करते थे, मुंबई में तो बस काम करने के लिए जाया करते थे। हर घर में किसी को लग ही नहीं रहा है कि वे अब नहीं रहे। उनका पार्थिव शरीर शायद जितना मुझे सुनने को मिला है कि शाम 4-5 बजे के करीब यहां आएगा।"

उन्होंने बताया कि पार्थिव शरीर आने के बाद किसी को दिक्कत न हो, जिस वजह गांव के लोग जगह की साफ-सफाई करा रहे हैं। उन्होंने कहा, "उनकी आखिरी इच्छा थी कि उनका दाह संस्कार यहीं पर हो और ऐसा वह कई इंटव्यू में भी बोल चुके थे। यहां पर सभी गांववाले खुद से आकर इस जगह को साफ कर रहे हैं कि जो लोग आए उन्हें दिक्कत न हो क्योंकि बड़ी तादाद में लोग यहां पर आएंगे, तो सभी को जगह मिलनी चाहिए।"

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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