मणिपुरी संगीतकार की हत्या पर कांग्रेस का हमला, इमरान प्रतापगढ़ी बोले- 'नॉर्थ ईस्ट सरकार की प्रायोरिटी लिस्ट में नहीं'
नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पहले ही दिल्ली की कानून-व्यवस्था और नॉर्थ ईस्ट के लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठा चुके हैं। अब कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक भारद्वाज ने भी इस घटना को लेकर सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है।
दोनों नेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर राजधानी दिल्ली में रहने वाले नॉर्थ ईस्ट के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आईएएनएस से बातचीत में मणिपुर को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, ''इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है कि मणिपुर पिछले कई सालों से सरकार के लिए गिनती में ही नहीं आता। मणिपुर के लोगों की पीट-पीटकर हत्या हो या उन्हें सरेआम बेइज्जत किया जाए, सरकार को इससे कोई मतलब नहीं है। प्रधानमंत्री के भाषणों में भले ही मणिपुर का जिक्र होता हो, लेकिन बाकी समय सरकार का मणिपुर से कोई लेना-देना नहीं दिखाई देता। मणिपुर और नॉर्थ ईस्ट के लोग सरकार की प्रायोरिटी लिस्ट में नहीं आते।''
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक भारद्वाज ने भी मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा, ''यह दिल्ली का मामला है और घटना पुलिस की विफलता दिखाती है। नॉर्थ ईस्ट से आने वाले एक संगीतकार की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई और उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वह घर के बाहर हो रहे शोर को कम कराने के लिए गए थे। अगर इलाके में पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी होती या नियमित पेट्रोलिंग होती तो अपराधियों में डर रहता और ऐसी घटना शायद नहीं होती। पिछले कुछ वर्षों से पुलिस की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।''
मामला दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाना क्षेत्र के किलोकरी गांव का है। 54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह मणिपुर के रहने वाले थे और कई सालों से दिल्ली में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वह संगीत शिक्षक होने के साथ-साथ जाने-माने गिटारवादक भी थे और संगीत के क्षेत्र में काम करते थे।
पुलिस के मुताबिक, उनके घर के बाहर कुछ डिलीवरी कर्मी और ढाबा कर्मचारी कथित तौर पर शोर-शराबा कर रहे थे। विक्रम सिंह ने इस पर आपत्ति जताई और उन्हें आवाज कम करने के लिए कहा। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद वहां मौजूद लोगों ने विक्रम सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी।
विक्रम सिंह को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका बेटा उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की। इस मामले में भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन कुमार, विजय और मन्नू समेत सात वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग ढाबों पर काम करते हैं और एक आरोपी डिलीवरी का काम करता था। मामले में आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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