'महिलाओं के दर्द को समझते हैं सीएम योगी', तीन तलाक और एसिड पीड़िताओं से जुड़े फैसले पर बोलीं मालिनी अवस्थी
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तीन तलाक और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के फैसले का स्वागत करते हुए लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिलाओं के दर्द और समस्याओं को समझते हैं और उनके कल्याण के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रहे हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक में निर्देश दिए हैं कि जिन महिलाओं को तीन तलाक या एसिड अटैक जैसी गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है और जिनके पास स्थायी आवास नहीं है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही इन महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं से भी जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मालिनी अवस्थी ने आईएएनएस से कहा कि उन्हें गर्व है कि उत्तर प्रदेश को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है, जो केवल प्रदेश के विकास की ही नहीं बल्कि महिलाओं के दुख-दर्द की भी चिंता करता है। उन्होंने कहा कि एसिड अटैक समाज पर एक कलंक है और इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।
मालिनी अवस्थी ने कहा कि एसिड अटैक की शिकार महिलाओं को मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलनी ही चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले की सरकारों ने इस दिशा में गंभीरता से क्यों नहीं सोचा। उनके अनुसार, एक महिला जो एसिड अटैक का शिकार हो जाती है, उसे न केवल शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है, बल्कि समाज की उपेक्षा और आर्थिक बोझ का भी सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को आवास और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना एक मानवीय और संवेदनशील कदम है। इससे पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
मालिनी अवस्थी ने तीन तलाक से प्रभावित महिलाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी महिलाओं को भी कई तरह की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सरकार द्वारा उन्हें आवास उपलब्ध कराने का निर्णय उनके जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास लाने में मदद करेगा।
लोक गायिका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस पहल के लिए आभार जताते हुए कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति की ओर से वह उन्हें बधाई और धन्यवाद देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
--आईएएनएस
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