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कश्मीर जाकर सुनिधि चौहान ने पूरा किया बचपन का सपना, बोलीं-'ऐसा लगता है जैसे मैं जन्नत में हूं'

मुंबई, 11 सितंबर (आईएएनएस)। सिंगर सुनिधि चौहान ने अपनी आवाज से बॉलीवुड के गानों को तो कई यादगार पल दिए हैं, लेकिन इस बार उनकी अपनी जिंदगी में एक ऐसा पल आया, जिसे वह शायद लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगी। सुनिधि पहली बार कश्मीर पहुंचीं और घाटी की खूबसूरती देखकर पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गईं। जिस कश्मीर को उन्होंने अब तक फिल्मों और पर्दे पर देखा था, उसे जब उन्होंने अपनी आंखों के सामने देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

मुंबई, 11 सितंबर (आईएएनएस)। सिंगर सुनिधि चौहान ने अपनी आवाज से बॉलीवुड के गानों को तो कई यादगार पल दिए हैं, लेकिन इस बार उनकी अपनी जिंदगी में एक ऐसा पल आया, जिसे वह शायद लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगी। सुनिधि पहली बार कश्मीर पहुंचीं और घाटी की खूबसूरती देखकर पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गईं। जिस कश्मीर को उन्होंने अब तक फिल्मों और पर्दे पर देखा था, उसे जब उन्होंने अपनी आंखों के सामने देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

सुनिधि ने बताया कि कश्मीर जाना उनका बचपन का सपना था, जो आखिरकार इतने सालों बाद पूरा हुआ। यहां पहुंचकर उन्होंने घाटी की खूबसूरती के साथ-साथ लोगों के प्यार, सुकून और खाने की भी जमकर तारीफ की।

सुनिधि ने कहा, ''मैं आपको बता नहीं सकती कि मैं कितनी खुश हूं। कश्मीर आना मेरा बचपन का सपना था। पिछले कुछ सालों में मैंने बहुत सी जगहों की यात्रा की, लेकिन मुझे कभी कश्मीर आने का मौका नहीं मिला। आखिरकार इस बार मैं यहां हूं और मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैं जन्नत में हूं।''

सुनिधि ने कश्मीर की प्राकृतिक खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा, ''यहां पहुंचकर मेरी आंखें खुली की खुली रह गईं। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि इतनी खूबसूरत जगह सच में मौजूद है। यहां के लोगों का प्यार और अपनापन मुझे काफी पसंद आया। जिन लोगों से मैं यहां मिलीं, उनके व्यवहार में बेशुमार प्यार था।''

उन्होंने यहां के खाने और शांत माहौल की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ''कश्मीर में मुझे जो सुकून महसूस हुआ, वह मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव था। मैं हैरान थी कि क्या सच में ऐसी कोई जगह है? यहां के लोग, यहां का खाना, यहां का सुकून... मेरा यहां से जाने का बिल्कुल मन नहीं कर रहा।''

सुनिधि चौहान ने संगीत के जरिए कश्मीर के लोगों से जुड़ने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा, ''मैं सच में चाहती हूं कि मुझे यहां अपना कॉन्सर्ट करने का मौका मिले, क्योंकि मुझे कश्मीर से प्यार हो गया है। पहले मैं कश्मीर को सिर्फ पर्दे पर देखकर पसंद करती थी, लेकिन अब यहां आने के बाद मुझे लगता है कि मैं यहां के लोगों के लिए भी अपनी तरफ से कुछ करना चाहती हूं।''

बता दें कि सुनिधि चौहान भारतीय फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री की उन प्रमुख हस्तियों में शामिल थीं, जिन्होंने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर (आईएफएफजेके) के पहले संस्करण में हिस्सा लिया। फेस्टिवल की शुरुआत 7 सितंबर को हुई थी और 10 सितंबर को इसका समापन हुआ। इस दौरान सुनिधि ने क्लोजिंग सेरेमनी में अपनी शानदार परफॉर्मेंस भी दी।

--आईएएनएस

पीके/पीएम

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