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इश्कबाज की पुरानी यादों में खोए नकुल मेहता, बताया 'शिवाय' बनने का दिलचस्प सफर

मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। नकुल मेहता टेलीविजन इंडस्ट्री के एक ऐसे सितारे हैं, जो आज ओटीटी पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं, लेकिन असल पहचान उन्हें आइकॉनिक धारावाहिक 'इश्कबाज' से मिली थी।
इश्कबाज की पुरानी यादों में खोए नकुल मेहता, बताया 'शिवाय' बनने का दिलचस्प सफर

मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। नकुल मेहता टेलीविजन इंडस्ट्री के एक ऐसे सितारे हैं, जो आज ओटीटी पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं, लेकिन असल पहचान उन्हें आइकॉनिक धारावाहिक 'इश्कबाज' से मिली थी।

शुक्रवार को नकुल अपने सुपरहिट शो की यादों में खोए हुए नजर आए। उन्होंने इंस्टाग्राम पर सीरियल की कुछ पुरानी तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने बताया कि किस तरह जयपुर की एक फ्लाइट के दौरान मिले कुछ प्रशंसकों ने उन्हें शो के 10 साल पूरे होने की बधाई दी। इनका कहना था कि इस शो ने उनके लिए 'प्यार' के मायने ही बदल दिए।

नकुल ने लिखा कि वक्त भले ही बहुत बीत गया है, लेकिन शूटिंग का पहला दिन आज भी मेरे जेहन में ताजा है। वह तारीख थी 23 अप्रैल, 2016। मुंबई की चिलचिलाती गर्मी में 200 लोगों की टीम के साथ काम शुरू हुआ था। अभिनेता ने लिखा, "मैंने उस दिन का ज्यादातर समय वैन में इंतजार करते हुए बिताया था, क्योंकि मेरा शॉट आधी रात को होना था। ताज्जुब की बात यह थी कि उस दिन मैं बहुत आत्मविश्वास से भरा हुआ था।"

टीवी सीरियल इश्कबाज में अभिनेता ने शिवाय नाम का किरदार अदा किया था। उन्होंने लिखा, "शिवाय का किरदार रातों रात नहीं बना था। शो का पायलट एपिसोड काफी पहले शूट हो चुका था, जिसके बाद मैं महीनों तक अवचेतन रूप से इस किरदार को जी रहा था। शिवाय के चलने का अंदाज, उसके चेहरे के भाव, बात करने की लय और यहां तक कि उसका फोन पकड़ने का तरीका, इन सब छोटी-छोटी बारीकियों पर मैंने गहराई से काम किया था। जब पहले दिन तीनों ओबेरॉय भाइयों के चलने का शॉट लिया गया, तो मॉनिटर पर उसे देखकर पूरी टीम को एहसास हो गया था कि कुछ जादुई बनने जा रहा है।"

अभिनेता ने बताया कि आज के दौर में ओटीटी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने टीवी शोज को एक नई जिंदगी दे दी है। 'इश्कबाज' को आज भी नए दर्शक मिलते हैं और पुराने प्रशंसक इसे बार-बार देखना पसंद करते हैं। नकुल ने लिखा, "शो की सफलता केवल स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं थी बल्कि, पर्दे के पीछे की पूरी टीम (कास्ट और क्रू) के बीच का आपसी तालमेल और जुनून ही था, जिसने इसे दर्शकों के लिए एक 'घर' जैसा बना दिया।"

इन दस वर्षों के सफर पर बात करते हुए नकुल भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि इस दौरान टीम के कई सदस्यों की शादियां हुईं, कई माता-पिता बने, लेकिन इस साल टीम ने अपने एक प्यारे सदस्य को खो भी दिया। इन तमाम बदलावों के बावजूद एक चीज स्थिर रही। वह है दर्शकों का प्यार। उन्होंने लिखा, "जब भी कोई मुझे 'इश्कबाज' से जुड़ी कोई कहानी सुनाता है, तो मेरा दिल खुशी से भर जाता है।"

--आईएएनएस

एनएस/वीसी

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