Samachar Nama
×

इंडस्ट्री बदल रही है, हमें भी खुद को ढालना होगा : अश्विन कौशल

मुंबई, 3 जून (आईएएनएस)। अभिनेता अश्विन कौशल इन दिनों माइक्रो-ड्रामा सीरीज 'बेबी डॉल' को लेकर सुर्खियों में हैं। सीरीज में वे अनुभवी टैलेंट एजेंट की भूमिका में हैं। अभिनेता ने आईएएनएस के साथ बातचीत में अपने किरदार को लेकर दिलचस्प बातें बताईं।
इंडस्ट्री बदल रही है, हमें भी खुद को ढालना होगा : अश्विन कौशल

मुंबई, 3 जून (आईएएनएस)। अभिनेता अश्विन कौशल इन दिनों माइक्रो-ड्रामा सीरीज 'बेबी डॉल' को लेकर सुर्खियों में हैं। सीरीज में वे अनुभवी टैलेंट एजेंट की भूमिका में हैं। अभिनेता ने आईएएनएस के साथ बातचीत में अपने किरदार को लेकर दिलचस्प बातें बताईं।

अभिनेता ने बताया, "इस किरदार को मेरी अपनी असल जिंदगी की पर्सनैलिटी के कुछ पहलुओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। मैं हमेशा से ही एक मजेदार और हंसमुख इंसान के तौर पर जाना जाता रहा हूं और मेरी यही खूबी इस रोल में भी साफ झलकती है। मेरे पूरे करियर में, मेरा 'सेंस ऑफ ह्यूमर' सबसे बड़ी ताकत रहा है।"

उन्होंने आगे कहा, "यह कहानी जिंदगी की कुछ जरूरी सीख पर प्रकाश डालती है। यह बताती है कि हमें हमेशा सावधान रहना चाहिए और अपनी भावनाओं को अच्छे-बुरे के फैसले पर हावी नहीं होने देना चाहिए।"

आईएएनएस ने उनसे पूछा, "एक 'वर्टिकल-फॉर्मेट सीरीज' में काम करने का अनुभव कितना अलग होता है?", तो इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया, "हर तरह के काम की अपनी कुछ चुनौतियां होती हैं। हमें समय के साथ-साथ चलना चाहिए। हमारी इंडस्ट्री भी बदल रही है, तो हमें उसी हिसाब से खुद को भी ढालना चाहिए। बदलाव तो जिंदगी का एक स्वाभाविक हिस्सा है। चाहे कोई नया फॉर्मेट हो, कोई नई टेक्नोलॉजी हो, या फिर कहानी कहने का कोई अलग अंदाज, हमें उसे खुले दिल से अपनाना चाहिए और लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए।"

उन्होंने आगे बताया, "सिनेमा में भावनाओं की कभी कोई कमी नहीं रही है। कैमरा या प्लेटफॉर्म का साइज चाहे छोटा हो या बड़ा, भावनाएं नहीं बदलतीं। इतिहास के बड़े-बड़े महाकाव्यों (जैसे रामायण-महाभारत) के जमाने से लेकर आज तक इंसानी भावनाएं वैसी की वैसी ही हैं। आंसू, खुशी, प्यार और दर्द, ये सब हमेशा हर इंसान के लिए एक जैसे ही रहते हैं।"

अश्विन कौशल लंबे समय से इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई लोकप्रिय टीवी सीरियल्स और वेब सीरीज में भी काम किया है। इंडस्ट्री में इतने साल पूरे करने पर उन्होंने कहा, "मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि मैंने फिल्म इंडस्ट्री में चार दशक बिताए हैं। यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। फिल्म इंडस्ट्री एक विशाल समुद्र की तरह है। यह लगातार खुद को नया बनाती रहती है। इसमें सिर्फ वही लोग टिक पाते हैं, जिनमें लगन, ईमानदारी और दृढ़ता होती है।"

--आईएएनएस

एनएस/एबीएम

Share this story

Tags