Samachar Nama
×

आमिर खान को 'परफेक्शनिस्ट' नहीं मानते विक्रम भट्ट, कहा-'मैं इससे पूरी तरह सहमत नहीं'

मुंबई, 14 जून (आईएएनएस)। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आमिर खान को 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहा जाता है। इसके पीछे की वजह यह है कि वह अपने हर प्रोजेक्ट पर बारीकी से काम करते हैं। हालांकि, फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट की राय इस पर थोड़ी अलग है। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह आमिर खान को परफेक्शनिस्ट नहीं मानते बल्कि ऐसे इंसान के रूप में देखते हैं, जो हमेशा अपने काम को और बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं।
आमिर खान को 'परफेक्शनिस्ट' नहीं मानते विक्रम भट्ट, कहा-'मैं इससे पूरी तरह सहमत नहीं'

मुंबई, 14 जून (आईएएनएस)। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में आमिर खान को 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' कहा जाता है। इसके पीछे की वजह यह है कि वह अपने हर प्रोजेक्ट पर बारीकी से काम करते हैं। हालांकि, फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट की राय इस पर थोड़ी अलग है। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह आमिर खान को परफेक्शनिस्ट नहीं मानते बल्कि ऐसे इंसान के रूप में देखते हैं, जो हमेशा अपने काम को और बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं।

आईएएनएस से बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा, ''लोगों ने आमिर खान को परफेक्शनिस्ट का टैग दे दिया है लेकिन मैं इस टैग से पूरी तरह सहमत नहीं हूं। परफेक्शनिस्ट वह होता है, जो मान ले कि उसने सबसे बेहतरीन काम कर लिया है और अब उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता लेकिन आमिर खान ऐसे नहीं हैं। वह हमेशा यह सोचते हैं कि वह और बेहतर कर सकते हैं। यही सोच उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है। आमिर कभी भी अपने काम से जल्दी संतुष्ट नहीं होते और लगातार सुधार करते रहते हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''किसी व्यक्ति का अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करना और खुद को परफेक्ट मान लेना, दोनों अलग बातें हैं। आमिर हमेशा यह महसूस करते हैं कि अभी और मेहनत की जा सकती है। वह अपने काम को बेहतर बनाने के लिए समय और ऊर्जा लगाते हैं। तभी उनकी फिल्मों में गुणवत्ता दिखाई देती है।''

बातचीत के दौरान विक्रम भट्ट ने फिल्म 'गुलाम' के दिनों को भी याद किया, जिसमें उन्होंने आमिर खान के साथ काम किया था। उन्होंने कहा, ''शूटिंग के दौरान हमारे बीच कई बार मतभेद भी हुए। कई बार किसी सीन को लेकर हमारी राय अलग होती थी। हालांकि इन मतभेदों का मकसद किसी को गलत साबित करना नहीं था, बल्कि फिल्म को और बेहतर बनाना था। आमिर हर बात पर सवाल पूछते थे और अगर उन्हें लगता था कि किसी फैसले में समझौता किया जा रहा है, तो वह अपनी बात खुलकर रखते थे।''

विक्रम भट्ट ने कहा, ''आमिर उन कलाकारों में से नहीं हैं जो सिर्फ काम पूरा करके आगे बढ़ जाएं। अगर उन्हें लगता है कि किसी सीन को और बेहतर बनाया जा सकता है, तो वह उस पर चर्चा करते हैं। यह पूरी तरह मेरी निजी राय है। जरूरी नहीं है कि आमिर खुद भी अपने बारे में ऐसा ही सोचते हों। इतने वर्षों तक उनके साथ काम करने और उन्हें करीब से देखने के बाद मुझमें यही समझ बनी है कि आमिर खान एक ऐसे कलाकार हैं जो लगातार सीखना और आगे बढ़ना चाहते हैं।''

--आईएएनएस

पीके/पीएम

Share this story

Tags