Samachar Nama
×

हिंदी टेलीविजन को लेकर संदीप सिकंद ने कहा-टीवी को ओरिजिनल स्टोरीटेलिंग पर लौटना होगा

मुंबई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। 'कहानी घर-घर की', 'अमृत मंथन' और 'बंदिनी' जैसे धारावाहिक में काम कर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले अभिनेता संदीप सिकंद टेलीविजन इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हैं। अभिनेता ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि टीवी में ज्यादातर कहानियां वेस्ट या क्षेत्रीय शो से प्रेरित होती हैं।

मुंबई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। 'कहानी घर-घर की', 'अमृत मंथन' और 'बंदिनी' जैसे धारावाहिक में काम कर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाने वाले अभिनेता संदीप सिकंद टेलीविजन इंडस्ट्री का जाना-माना नाम हैं। अभिनेता ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि टीवी में ज्यादातर कहानियां वेस्ट या क्षेत्रीय शो से प्रेरित होती हैं।

उन्होंने कहा, "हिंदी टेलीविजन बड़े स्टोरीटेलिंग मीडियम में से एक माना जाता है और अनगिनत लोग इसे देखते हैं। इसने बहुत से लोगों को करियर भी दिया है, मैं उनमें से एक हूं। मुझे बहुत बुरा लगता है कि एक समय था, जब टीवी में अच्छी कहानियां देखने को मिलती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं है। मैं सच में चाहता हूं कि टीवी में बदलाव हो ताकि लोग एक बार फिर हिंदी टेलीविजन को देखना शुरू करें और कहें, ‘वाह, यह कितना अच्छा शो है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है क्योंकि कई हिंदी शो में कहानी कहने का तरीका अभी भी पुराने दशकों वाला है।’"

संदीप सिकंद का मानना है कि टीवी को आज के समय की कहानियों को एक्सप्लोर करना चाहिए। उन्होंने कहा, "टीवी आज की महिलाओं, आज के हालात और असलियत की कहानियों को ठीक से एक्सप्लोर नहीं कर रहा हैं, जो उसके लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।"

अभिनेता ने बताया कि टीवी को तभी तवज्जो दी जाएगी, जब वह अपनी स्टोरीटेलिंग पर काम करेगा। उन्होंने कहा, "इससे पहले कि यह इतना गिर जाए कि इसे फिर से खड़ा करना मुश्किल हो, हमें स्टोरीटेलिंग के बारे में कुछ करना होगा। रीजनल शो पर हमारी डिपेंडेंसी भी कम होनी चाहिए। आप कितने रीजनल शो रीमेक कर सकते हैं? वह भी आखिरकार खत्म हो जाएगा। हमें ओरिजिनल स्टोरीटेलिंग पर लौटना होगा।"

उन्होंने आगे कहा, "टेलीविजन में कई टैलेंटेड एक्टर्स, टेक्नीशियन और स्टोरीटेलर काम कर रहे हैं, जो फिल्मों और ओटीटी पर दिखने वाले कुछ कंटेंट से कहीं बेहतर लिख सकते हैं लेकिन उन्हें मौके नहीं मिलते क्योंकि वे टेलीविजन से आते हैं। ये गलत है क्योंकि ऐसा करके किसी के टैलेंट को नकारा नहीं जाना चाहिए।"

अभिनेता ने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा, "मैं भी टेलीविजन पर अभी बन रहे कंटेंट से बहुत खुश नहीं हूं। हमें टेलीविजन को वापस उसके अच्छे दौर में लाना होगा और यह हम सबकी मिलकर की गई मेहनत से होगा।"

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

Share this story