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भोजन सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि रिश्ता जोड़ने का माध्यम है: सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार

मुंबई, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार को उनके क्विज शो 'यस शेफ' के लिए बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खाना वह बुनियादी बंधन है, जो लोगों को जोड़ता है और समाज व संस्कृतियों को बनाने में मदद करता है।

मुंबई, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। सेलिब्रिटी शेफ रणवीर बरार को उनके क्विज शो 'यस शेफ' के लिए बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खाना वह बुनियादी बंधन है, जो लोगों को जोड़ता है और समाज व संस्कृतियों को बनाने में मदद करता है।

सेलिब्रिटी शेफ और एक्टर ने मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके में अपने नए स्ट्रीमिंग शो 'यस शेफ' के प्रमोशन के दौरान समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बात की और कहा कि खाने से बनने वाले रिश्ते बेमिसाल होते हैं।

उन्होंने कहा, "असली रिश्ता खाने से ही बनता है। दो दोस्त किसी गाने या पेंटिंग पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन जब दो दोस्त साथ बैठकर खाना खाते हैं, तो उस रिश्ते की कोई तुलना नहीं हो सकती। इसलिए, खाना ही वो चीज है, जो लोगों को आपस में जोड़ती है।"

उन्होंने आगे कहा, "और यह दो लोगों, परिवार, समुदाय, समाज और देश को जोड़ता है, जो इसे बहुत ताकतवर बनाता है। और मैं खुद को बहुत किस्मत वाला मानता हूं कि मैं ऐसे काम में हूं, जहां अगर आप न भी चाहें, तब भी लोग आपसे जुड़ जाते हैं।"

इससे पहले रणवीर ने घरों में खाने की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सलाह दी थी और कहा था कि किचन प्लेटफॉर्म या डाइनिंग टेबल पर अच्छी क्वालिटी का सामान पाने का सबसे अच्छा तरीका लोकल मार्केट से खरीदारी करना है।

उन्होंने पहले आईएएनएस से ​​कहा था, "मेरा मानना ​​है कि सबसे पहले, अपनी खरीदारी लोकल मार्केट से करें। अगर हम ताजगी की बात करें तो यह बहुत जरूरी है। हम सभी ने सब्जी मंडी जाना छोड़ दिया है। 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाले ऐप्स ने सब्जी मंडी से खरीदारी का कल्चर बदल दिया है। जब आप पूरी गाड़ी पर ताजी सब्जियां देखते हैं तो आपको ताजे खाने की अहमियत समझ आती है। अगर आपको पत्तागोभी का छोटा पैकेट भी मिले तो आपको उसमें मजा नहीं आता।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि हमें यह जारी रखना चाहिए। इमरजेंसी में लास्ट मिनट ऐप्स ठीक हैं, लेकिन बाजार जाकर ताजी सब्जियां खरीदना बहुत जरूरी है। दूसरी बात, अगर हम ताजगी की बात करें तो मुझे लगता है कि अगर हम उतना ही खाना बनाएं जितनी जरूरत हो, तो रेफ्रिजरेटर में कम चीजें होंगी। और अगर रेफ्रिजरेटर में कम चीजें होंगी तो मन में बचा हुआ खाना इस्तेमाल करने की टेंशन भी कम होगी, इसलिए रेफ्रिजरेटर का मन की टेंशन से सीधा संबंध है।"

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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