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पार्थिबन ने अभिनेत्री तृषा पर की गई अपनी टिप्पणी पर खेद जताया

चेन्नई, 9 मार्च (आईएएनएस)। अभिनेता और निर्देशक आर पार्थिबन ने हाल ही में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में तृषा कृष्णन के बारे में की गई अपनी टिप्पणी पर अब खेद व्यक्त किया है।
पार्थिबन ने अभिनेत्री तृषा पर की गई अपनी टिप्पणी पर खेद जताया

चेन्नई, 9 मार्च (आईएएनएस)। अभिनेता और निर्देशक आर पार्थिबन ने हाल ही में आयोजित एक पुरस्कार समारोह में तृषा कृष्णन के बारे में की गई अपनी टिप्पणी पर अब खेद व्यक्त किया है।

पार्थिबन ने सोशल साइट एक्स की टाइमलाइन पर एक ऑडियो क्लिप साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने यह टिप्पणी अनजाने में की थी।

उन्होंने कहा, कभी-कभी कुछ गलतियां अनजाने में हो जाती हैं। गालट्टा अवॉर्ड्स इवेंट में, जब मुझसे 20 सवालों का तेजी से जवाब देना था, जैसे कि रैपिड फायर सेशन में होता है, तब तृषा की तस्वीर स्क्रीन पर आई।

उन्होंने कहा, “जब मैं सोच रहा था कि क्या कहना चाहिए, लोग चिल्लाने लगे ‘कुंडवै’ ‘कुंडवै’ (मणि रत्नम की फिल्म में तृषा के पात्र नाम)। तुरंत, सिर्फ ‘कुंडवै’ शब्द पर खेलते हुए मैंने कहा, ‘कुंडवै को घर पर बैठा दो, ताकि कोई समस्या न आए। पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा।”

अभिनेता व निर्देशक पार्थिबन ने कहा कि जब वह स्टेज से उतरे, तो उनके दोस्त रंगाराज पांडे ने उन्हें बताया कि यह टिप्पणी टाली जा सकती थी।

उन्होंने कहा कि मैंने तुरंत गालट्टा अरुणा से कहा कि इसे प्रकाशित न करें। हालांकि किसी ने वीडियो शूट कर लिया और यह सामने आ गया। मुझे एहसास हुआ कि इससे कुछ लोगों को चोट पहुंची है और मैं पूरे दिल से खेद व्यक्त करता हूँ। मैं नहीं चाहता कि समस्याएँ बड़ी हों।

उन्होंने कहा, जब मैं कॉलेजों में जाता हूँ, तो केवल महिलाओं की स्वतंत्रता के बारे में बोलता हूं। हर किसी को अनावश्यक बंधनों से मुक्त होना चाहिए, स्वतंत्रता अपनानी चाहिए और खुश रहना चाहिए। इसलिए, महिलाएं दुनिया की सबसे बड़ी रचनात्मक शक्ति हैं।

पार्थिबन का खेद व्यक्त करना ऐसे समय आया है, जब अभिनेत्री तृषा ने इस टिप्पणी पर अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज में कड़ा संदेश दिया।

तृषा ने हाल ही में एक कार्यक्रम में अपने नाम व चित्र के इस्तेमाल को बताते हुए लिखा, “मुझे एक कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि मेरा नाम व तस्वीर अंतिम क्षण में एक व्यक्ति की मांग पर, उनके सहायक के माध्यम से शामिल किया गया।”

आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, “माइक्रोफोन किसी टिप्पणी को बुद्धिमान या हास्यपूर्ण नहीं बनाता। यह सिर्फ मूर्खता को ज़ोर से बोलता है। बिना ज्ञान के अपमानजनक शब्द बोलने वाला व्यक्ति खुद के बारे में हमेशा अनभिज्ञ बना रहता है।”

--आईएएनएस

एमकेआर/पीयूष

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